शिक्षा के सौदागर: 12वीं में 'ग्रेस' से पास होने वाला ऋषि बनने चला था डॉक्टर, दिनेश ने 10 लाख का खरीदा था पेपर; 'बिवाल परिवार' के गेम का खुलासा

नीट पेपर लीक मामले में ऋषि बिवाल की मार्कशीट ने सबको चौंका दिया है। 12वीं में ग्रेस से पास होने वाले छात्र के लिए लाखों में पेपर खरीदा गया। बिवाल परिवार के 5 सदस्यों ने पहले भी इसी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाई थी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) एक बार फिर दागदार हुई है। लेकिन इस बार जो खुलासा हुआ है, इसमें कई तहें हैं है। जयपुर के बिवाल ब्रदर्स ने मिलकर शिक्षा को व्यापार और जालसाजी का ऐसा अड्डा बना दिया, जहां काबिलियत की नहीं बल्कि 'करोड़ों की बोली' की कीमत थी। इस पूरे स्कैंडल का सबसे शर्मनाक चेहरा है ऋषि बिवाल। वह ग्रेस अंक लेकर जैसे-तैसे सेकेंड डिवीजन पास हुआ। राजस्थान बोर्ड की 12वीं की मार्कशीट के मुताबिक, ऋषि को फिजिक्स की थ्योरी में 9, केमिस्ट्री में 15 और बायोलॉजी में महज 20 नंबर मिले थे। हैरानी की बात यह है कि जिस छात्र को बायोलॉजी की बुनियादी समझ तक नहीं थी, उसे डॉक्टर बनाने के लिए उसके पिता दिनेश बिवाल ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये में नीट का पेपर खरीदा। यह उन लाखों ईमानदार छात्रों के गाल पर तमाचा है जो दिन-रात एक कर इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। आप एक बार ऋषि की मार्कशीट देखें।

dinesh biwal neet paper leak expose

नीट पेपर लीक के आरोपी बिवाल ब्रदर्स का पर्दाफाश

ऋषि की मार्कशीट

बिवाल परिवार का कमाल या सिंडिकेट का जाल?

जांच में सामने आया है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं था। दावा किया जा रहा है कि बिवाल परिवार ने पिछले दो सालों में यानी 2024 और 2025 में अपने घर के पांच सदस्यों को इसी तरह लीक पेपर के दम पर डॉक्टर बनाया है। मांगीलाल बिवाल का बेटा विकास और बेटी प्रगति (दौसा मेडिकल कॉलेज)। घनश्याम बिवाल की बेटियां पलक (SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर) और सानिया (मुंबई मेडिकल कॉलेज) और दिनेश बिवाल की बेटी गुंजन (बनारस मेडिकल कॉलेज) दावा है कि 2025 में इन पांचों ने 25 लाख रुपये में खरीदे गए पेपर को पढ़कर सरकारी कॉलेजों में सीट हासिल की। आज ये लोग फर्जीवाड़े के दम पर सिस्टम में घुस चुके हैं, जो भविष्य में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करेंगे।

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