नीट पेपर लीक मामला: NTA के 3 विशेषज्ञ निकले मास्टरमाइंड, CBI चार्जशीट में 'एक्सेस कंट्रोल ऐप' बना सबसे बड़ा सबूत

NEET Paper Leak Case: नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी ने डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए पुणे की एक सोसाइटी के 'एक्सेस कंट्रोल ऐप' के रिकॉर्ड को अहम सबूत बनाया है। इससे यह साबित हुआ कि परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थी और उनके अभिभावक एनटीए विशेषज्ञ के घर पहुंचे थे।

NEET Paper Leak Case: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) के प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सीबीआई ने विशेष अदालत में दाखिल अपने आरोपपत्र में डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों को बहुत मजबूती से पेश किया है। इनमें सबसे अहम सबूत पुणे की उस आवासीय सोसाइटी का 'एक्सेस कंट्रोल ऐप' रिकॉर्ड है, जहां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के रसायन विज्ञान विशेषज्ञ और मुख्य आरोपी पी. वी. कुलकर्णी रहते थे।

NEET Paper Leak Case

CBI ने कोर्ट में पेश किए सबसे बड़े डिजिटल सबूत (फाइल फोटो)

इस ऐप के जरिए सोसाइटी में आने-जाने वाले आगंतुकों का डिजिटल बायोमेट्रिक रिकॉर्ड रखा जाता है। सीबीआई के अनुसार, 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा से कुछ ही दिन पहले अप्रैल के महीने में कई अभ्यर्थी और उनके अभिभावक कुलकर्णी के घर पहुंचे थे। कुलकर्णी के मोबाइल सीडीआर और लोकेशन डेटा से भी उस वक्त उनकी उपस्थिति वहीं दर्ज पाई गई, जिससे अभ्यर्थियों के साथ उनके सीधे संपर्क की पुष्टि हो गई।

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