Arvind Kejriwal: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को 3 मई को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया। सरकार ने CBI को अनियमितताओं की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया है। परीक्षा अब अलग से अधिसूचित तारीखों पर फिर से आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को संरक्षित करने के हित में लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि प्राप्त जानकारी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था।
NEET Exam रद्द, केंद्र पर बरसे केजरीवाल
सरकार सिर्फ आंदोलन की भाषा समझती है: केजरीवाल
वहीं, नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द करने के फैसले पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे सरकार की नाकामी बताया है। परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द किए जाने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। ऐसा चार बार हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि इसमें मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण है। इस देश में क्या हो रहा है? जो लोग एक परीक्षा ठीक से नहीं करा सकते, वे सरकार क्या चलाएंगे? यह पूरी तरह से मिलीभगत का मामला है। मेरी संवेदनाएं परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह सरकार सिर्फ आंदोलन की भाषा समझती है और केजरीवाल उनके साथ खड़ा रहेगा।
परीक्षा रद्द करना युवाओं के साथ विश्वासघात: संजय सिंह
वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने भी इसे लेकर सरकार को घेरा। संजय ने एक्स पर लिखा- 2026 की NEET परीक्षा रद्द करना युवाओं के साथ विश्वासघात है। 180 में से 135 प्रश्न लीक हो गए, क्या यह परीक्षा है या कोई नाटक? ये प्रश्नपत्र लीक करने का काम भाजपा से जुड़े शिक्षा माफिया ने करवाया है। भाजपा युवाओं के विनाश की गारंटी है। मोदी चाहते हैं कि युवा चुनाव में भाजपा को वोट दें और चुनाव के बाद बेरोजगार भटकें, दंगों, अराजकता और नफरत में डूब जाएं।
NTA ने क्या-क्या कहा?
वहीं, एनटीए ने कहा कि दोबारा आयोजित परीक्षा तिथियों और दोबारा जारी किए गए प्रवेश पत्र की अनुसूची की जानकारी एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से आगामी दिनों में दी जाएगी। एनटीए ने यह भी कहा कि सरकार ने परीक्षा से जुड़े आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने आगे कहा कि एनटीए ब्यूरो को पूरा सहयोग देगा और जांच के लिए आवश्यक सभी सामग्री, रिकॉर्ड और सहायता प्रदान करेगा। यह निर्णय छात्रों के हित में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर टिके भरोसे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
एनटीए के अनुसार, मई 2026 के सत्र में पंजीकृत उम्मीदवारों की संख्या, पात्रता और चयनित परीक्षा केंद्रों को पुनः आयोजित परीक्षा के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। बयान में कहा गया है, नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसमें यह भी जोड़ा गया कि छात्रों द्वारा पहले से भुगतान की गई फीस वापस कर दी जाएगी और परीक्षा एनटीए के आंतरिक संसाधनों का उपयोग करके पुनः आयोजित की जाएगी।
