SC Verdict on NEET Paper Leak: नीट प्रवेश परीक्षा क्यों रद्द नहीं हुई, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा है कि पेपर लीक केवल पटना और हजारीबाग तक सीमित था। इसलिए परीक्षा रद्द नहीं हुई। व्यवस्थित तरीके से पेपर लीक नहीं हुआ था। शीर्ष अदालत ने कहा कि उसने अपने फैसले में एनटीए की ढांचागत प्रक्रियाओं में खामियों का जिक्र प्रमुखता से किया है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों की भलाई को देखते हुए हम पूरी परीक्षा रद्द नहीं कर सकते। कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि उसने जो कमियां गिनाई हैं, केंद्र सरकार को उन्हें इसी साल ठीक करना होगा ताकि इस तरह की गलती दोबारा दोहराई न जाए।
नीट पेपर लीक केस।
सरकार को SOP तैयार करने का निर्देश
कोर्ट ने कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी परीक्षा के पेपर को सरकारी कमेटी खुले ई रिक्शा के बजाय रियल टाइम इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के साथ बंद वाहन में भेजे जाने की व्यवस्था करे। प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए कोर्ट ने कई निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित करने और पेपर लीक रोकने के लिए सरकार को SOP तैयार करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कमेटी का दायरा तय किया
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि पूरी परीक्षा की गरिमा प्रभावित नहीं हुई। साथ ही कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट तय करने के लिए 30 सितंबर 2024 तक का समय दिया। दरअसल, केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में NEET जैसी गड़बड़ी रोकने के लिए इसरो के पूर्व चेयरमैन के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी। कोर्ट ने आज उसी कमेटी का दायरा तय किया।
14 अगस्त से शुरू होगी काउंसलिंग
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट-यूजी) 2024 के लिए काउंसलिंग 14 अगस्त से शुरू होगी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सचिव डॉ. बी श्रीनिवास ने कहा कि काउंसलिंग की प्रक्रिया के लिए पंजीकरण अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के संबंध में ताजा जानकारी और नोटिस के लिए एमसीसी की वेबसाइट देखने की सलाह दी गई है। श्रीनिवास ने कहा, 'देश भर के लगभग 710 मेडिकल कॉलेजों में लगभग 1.10 लाख एमबीबीएस सीट के आवंटन के लिए काउंसलिंग होगी। इसके अतिरिक्त आयुष और नर्सिंग सीट के अलावा 21,000 बीडीएस सीट के लिए भी काउंसलिंग होगी।'
सीबीआई के आरोपपत्र में 13 नाम
सीबीआई प्रश्न पत्र कथित रूप से लीक होने के मामले में गुरुवार को अपना पहला आरोपपत्र दायर किया जिसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पटना में विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष दाखिल आरोपपत्र में एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, सबूत नष्ट करने आदि सहित भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराएं लगाई हैं। केंद्रीय एजेंसी ने नीतीश कुमार, अमित आनंद, सिकंदर यादवेन्दु, आशुतोष कुमार-1, रोशन कुमार, मनीष प्रकाश, आशुतोष कुमार-2, अखिलेश कुमार, अवधेश कुमार, अनुराग यादव, अभिषेक कुमार, शिवनंदन कुमार और आयुष राज को नामजद किया है।
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