CLEAN KARO NEET: NEET पेपर लीक मामले में नए-नए खुलासों ने हर किसी को हैरान किया है। जांच सीबीआई को सौंपी गई है और इसी के साथ गिरफ्तारियों का सिलसिला भी तेज हो गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में भाउराव कदम के आवास पर छापा मारा है। यह छापा NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए मारा गया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि भाउराव कदम ने 3 मई को हुई परीक्षा से पहले अपनी बेटी के लिए लीक हुए प्रश्नपत्र को हासिल करने के लिए 5 लाख रुपये का भुगतान किया था।
NEET एग्जाम में धांधली और पेपर लीक की जांच
कदम के घर 8 घंटे चली छापेमारी कार्रवाई
प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी। सरकार ने बाद में घोषणा की कि पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। जांच एजेंसियों ने इस मामले में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। नांदेड़ के विद्युतनगर इलाके में भाउराव कदम के घर पर करीब आठ घंटे तक चली तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने आवास पर मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की और परिवार के कई सदस्यों से पूछताछ भी की।
मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कदम से उनके आवास पर भी कई घंटों तक पूछताछ की गई। जांचकर्ताओं ने पूरे फ्लैट की तलाशी ली और कथित भुगतान से जुड़े माने जाने वाले रिकॉर्ड की जांच की। इस कार्रवाई के बाद, सीबीआई ने कदम और उनके परिवार के सदस्यों को आगे की पूछताछ के लिए पुणे में एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। नांदेड़ में यह छापेमारी एजेंसी द्वारा लातूर में एक कोचिंग संस्थान के प्रमोटर से पूछताछ करने के एक दिन बाद हुई, क्योंकि जांच में तेजी से महाराष्ट्र स्थित एक नेटवर्क की ओर इशारा मिल रहा है जो इस लीक से जुड़ा हुआ है।
पुणे, लातूर और नांदेड़ को जोड़ने वाली कड़ी का पता
एजेंसी पुणे, लातूर और नांदेड़ को जोड़ने वाली कड़ी का पता लगा रही है, साथ ही यह भी जांच कर रही है कि क्या उम्मीदवारों और अभिभावकों ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को पहले से देखने के लिए पैसे दिए थे। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा NEET-UG 2026 को रद्द करने के कुछ दिनों बाद सामने आया है। एनसीए ने कहा था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता ताक पर रख दी गई थी। लगभग 22 लाख उम्मीदवारों ने इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भाग लिया था, जिससे यह देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक बन गई है। यह परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।
पेपर लीक की जांच में सीबीआई शामिल
राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह की शुरुआती जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले वितरित किए गए हस्तलिखित "अनुमानित प्रश्नपत्र" में वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी समानता थी, जिसके बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। जांचकर्ताओं ने पाया कि 720 में से 600 अंकों के लगभग 140 प्रश्न अंतिम प्रश्नपत्र से मेल खाते थे, जिससे संगठित लीक की आशंका बढ़ गई। एजेंसी ने परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े शिक्षकों और व्यक्तियों सहित कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
इनमें एक सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान के प्रोफेसर और वनस्पति विज्ञान के एक व्याख्याता भी शामिल हैं, जिन पर आरोप है कि वे उस नेटवर्क का हिस्सा थे जो पैसे के बदले प्रश्नपत्र प्राप्त करते और वितरित करते थे। जांच में एनटीए से जुड़े एक अज्ञात अधिकारी की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, क्योंकि संदेह है कि इस लीक में अंदरूनी मिलीभगत शामिल हो सकती है।
