NCERT Class 8 Social Science textbook: एनसीईआरटी (NCERT) की कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान (Social Science Textbook) की किताब में अब न्यायपालिका की चुनौतियों पर खुलकर जानकारी दी गई है। पहली बार किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' का जिक्र किया गया है। इसके अलावा अदालतों में लंबित मामलों की भारी संख्या को बड़ी चुनौती बताया गया है। बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट में करीब 81 हजार मामले लंबित हैं। हाई कोर्ट में लगभग 62 लाख 40 हजार केस अटके हुए हैं।
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साथ ही बुक में और गहरी जानकारी देते हुए यह भी बताया गया कि जिला स्तर पर कितने केस लंबित है। बुक में था कि जिला और अधीनस्थ अदालतों में करीब 4 करोड़ 70 लाख मामले लंबित हैं। किताब में जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रिया और कमजोर ढांचे को देरी की वजह बताया गया है।
पहले की किताब से ये अलग क्यों?
पहले की किताब में भ्रष्टाचार का कोई उल्लेख नहीं था। 'न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के बराबर है' यह बात पुरानी किताब में कही गई थी। नई किताब में बताया गया है कि जज आचार संहिता से बंधे होते हैं। शिकायतों के लिए CPGRAMS पोर्टल का जिक्र किया गया है। पोर्टल पर 2017 से 2021 के बीच 1600 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। बच्चों की शिक्षा हेतु इसमें कई गंभीर बातों पर प्रकाश डाला गया, जैसे गंभीर आरोपों पर संसद महाभियोग चलाकर जज को हटा सकती है।
कांग्रेस और विभाजन पर नया विवरण
नई NCERT की कक्षा 8 की किताब में विभाजन पर नया विवरण दिया गया। कहा कि कांग्रेस नेताओं ने इसे 'आखिरी रास्ता' मानकर स्वीकार किया। एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब जारी की। इस नई किताब में 1947 के देश विभाजन को लेकर कुछ नए पॉइंट्स जोड़े गए हैं। किताब में लिखा गया है कि महात्मा गांधी और अधिकतर कांग्रेस नेता देश के बंटवारे के खिलाफ थे, लेकिन आखिर में उन्होंने इसे 'आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता' मानकर स्वीकार कर लिया। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि उस समय सभी भारतीय मुसलमान भी विभाजन के पक्ष में नहीं थे, एक हिस्सा इसके खिलाफ था।
पहले क्या लिखा था?
पुरानी कक्षा 8 की इतिहास की किताब में बताया गया था कि ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजे गए तीन सदस्यीय मिशन (कैबिनेट मिशन) कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सहमति नहीं करा सका, जिसके बाद विभाजन लगभग तय हो गया।
हालांकि, पुरानी किताब में यह नहीं लिखा था कि कांग्रेस नेताओं ने इसे 'आखिरी रास्ता' मानकर स्वीकार किया।
नई किताब में क्या है?
नई किताब का नाम 'Exploring Society: India and Beyond Part 2' है। इसमें 1857 की क्रांति से लेकर 1947 तक की आजादी की लड़ाई का पूरा दौर शामिल है। इसमें बंगाल विभाजन, स्वतंत्रता आंदोलन और भारत के विभाजन की घटनाओं को समझाया गया है।
इस किताब में यह भी बताया गया है कि इतिहासकारों के बीच इस बात पर बहस रही है कि ब्रिटेन ने भारत क्यों छोड़ा। पहले यह माना जाता था कि महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति और कांग्रेस की रणनीति ही मुख्य कारण थी।
लेकिन अब यह समझ बढ़ी है कि इसके पीछे कई और कारण भी थे, जैसे जन आंदोलनों का दबाव, क्रांतिकारियों के प्रयास, और रॉयल इंडियन एयर फोर्स व रॉयल इंडियन नेवी में हुए विद्रोह।
एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पहली किताब (Part 1) पिछले साल जुलाई में जारी की थी। नई किताब के इस बदलाव को लेकर शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
