भारतीय नौसेना को मिला पनडुब्बियों का दुश्मन 'मालवन'; तटीय सुरक्षा को मिलेगा सुपर बूस्ट

कोचीन शिपयार्ड ने आज भारतीय नौसेना को दूसरे एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW–SWC) मालवन सौंप दिया। लगभग 80 मीटर लंबा और 1100 टन वजनी यह स्वदेशी पोत तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों,अंडरवॉटर सर्विलांस, माइन वॉरफेयर के लिए डिजाइन किया गया है।

पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच भारत अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने में लगा है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना को एक और बड़ी सफलता मिली है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL)कोच्चि द्वारा बनाए गए आठ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC)में से दूसरे पोत ‘मालवन’ को आज औपचारिक रूप से नौसेना को सौंप दिया गया। इस पोत को मेक इन इंडिया के तहत पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन से बनाया गया है, जो भारतीय नौसेना की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।

भारतीय नौसेना को मिला पनडुब्बियों का दुश्मन 'मालवन'; तटीय सुरक्षा को मिलेगा सुपर बूस्ट

यह पोत मारक क्षमता,छिपकर हमला करने की क्षमता और गतिशीलता के मिश्रण से सुसज्जित है। इसे पनडुब्बियों का पता लगाने,तटीय गश्त करने और भारत के रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा करने के लिए बनाया गया है।

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