National Herald Case: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोप-पत्र पर संज्ञान लेने को लेकर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि मामले में सभी पक्षों की दलीलें समाप्त हो चुकी हैं और अब आदेश 29 जुलाई को सुनाया जाएगा। अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ईडी को निर्देश दिया है ताकि 15 से 17 जुलाई के बीच मामले की फाइलों का निरीक्षण किया जा सके। साथ ही, अदालत ने आरोपियों को 19 जुलाई तक अपनी दलीलों का संक्षिप्त सारांश दाखिल करने को कहा है, जो तीन से चार पृष्ठों से अधिक नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी और सोनिया गांधी (फाइल फोटो-PTI)
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एस.वी. राजू की दलीलें पूरी
इस मामले में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने 12 जुलाई को अपनी दलीलें पूरी कर ली थीं। उसके बाद सोमवार को कुछ अभियुक्तों के वकीलों ने अपनी अंतिम दलीलें प्रस्तुत कीं। अदालत ने दो जुलाई से रोजाना कार्यदिवसों में सुनवाई कर दोनों पक्षों की दलीलों को सुना।
सोनिया गांधी समेत कई आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, साथ ही सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ पर आरोप लगाए हैं। ईडी का कहना है कि इन आरोपियों ने ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करने वाली कंपनी ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (एजेएल) से संबंधित करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को धोखे से अधिग्रहित करने की साजिश रची और धनशोधन किया।
क्या है आरोप
आरोप है कि गांधी परिवार के पास ‘यंग इंडियन’ कंपनी के 76 प्रतिशत शेयर थे और इस कंपनी ने 90 करोड़ रुपये के ऋण के बदले एजेएल की संपत्ति को धोखे से हथियाया। आरोप-पत्र में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, ‘यंग इंडियन’ और ‘डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम शामिल हैं। यह मामला पिछले कई महीनों से सुर्खियों में बना हुआ है और अब अदालत के आदेश के बाद इसकी दिशा स्पष्ट होगी। 29 जुलाई को होने वाले आदेश से इस हाईप्रोफाइल मामले में अगला अहम कदम सामने आएगा।
