नासिक मल्टीनेशनल कंपनी में कथित कॉर्पोरेट जिहाद का मामला अब एक सामान्य क्राइम केस से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसी कारण ATS, NIA और IB जैसी केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी द्वारा तैयार की गई शुरुआती जांच रिपोर्ट और महत्वपूर्ण इनपुट्स इन एजेंसियों के साथ साझा किए जा चुके हैं।
नासिक कन्वर्जन केस की जांच ATS, NIA और IB जैसी केंद्रीय एजेंसियां करेंगी।
विदेशी फंडिंग, एंटी-इंडिया गतिविधियों को लेकर चल रही जांच
जांच में अब यह देखा जा रहा है कि क्या इस केस के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संगठित साजिश है। एजेंसियां विदेशी फंडिंग, एंटी-इंडिया गतिविधियों, संभावित आतंकी संगठनों से कनेक्शन और किसी टेरर मॉड्यूल की भूमिका जैसे पहलुओं की गहन जांच करेंगी।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों की टीमें जल्द ही नासिक पहुंच सकती हैं और एसआईटी के साथ मिलकर मुख्य आरोपियों से पूछताछ करेंगी। इस दौरान आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट, वित्तीय लेन-देन, अंतरराष्ट्रीय कॉल रिकॉर्ड और सोशल नेटवर्क्स की भी विस्तार से जांच की जाएगी। वहीं, आईबी ने पहले ही संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों पर निगरानी तेज कर दी है।
नासिक स्थित एक आइटी कंपनी में चल रहे यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के मामले में कंपनी के छह टीम लीडर्स, एक एचआर अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वहां आठ महिलाओं और एक पुरुष कर्मचारी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और मजबूर किया गया।
