Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में एचआर मैनेजर निदा खान को अदालत से राहत नहीं मिली है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया,साथ ही कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि निदा खान गर्भवती हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, सरकारी पक्ष ने इस दलील का कड़ा विरोध किया और जमानत न देने की मांग की, जिसके बाद अदालत ने याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।
नासिक TCS केस में HR मैनेजर निदा खान की अग्रिम जमानत खारिज
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मामला गंभीर प्रकृति का है और निदा खान से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। लोक अभियोजक अजय मिसार ने कहा कि निदा खान इस मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल है, इसलिए जांच के लिए उसकी कस्टोडियल इंटरोगेशन आवश्यक है।
प्राथमिकी के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि उसने महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी।
निदा खान ने अग्रिम जमानत याचिका में अपने गर्भवती होने का हवाला दिया था, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि निदा खान पर एक पीड़ित को दुसरे धर्म के तौर तरीके मानने के लिए धमकाने,दूसरे आरोपियों से लगातार संपर्क में रहने,उनके साथ शामिल होने जैसे गंभीर आरोप है इसलिए उन्हें अग्रिम बेल नहीं दी जा सकती।
पुलिस के मुताबिक, टीसीएस की कर्मी निदा खान अभी तक फरार हैं, और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में उसकी तलाश जारी है। इस मामले की जांच नासिक पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। आईटी कंपनी की नासिक इकाई में कुछ महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष कर्मियों द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के नौ मामलों की जांच चल रही है।
एसआईटी अब तक नौ प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने पिछले महीने बयान जारी कर कहा था कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जबरदस्ती के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति अपनाती है।
