नागपुर विस्फोट: 'सुरक्षा ऑडिट की अनदेखी से गई 18 जानें'; अनिल देशमुख बोले- समय पर जांच होती तो टल सकता था हादसा

महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार को विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख जताते हुए बताया कि घायलों को तत्काल नागपुर शिफ्ट किया कर दिया गया है।

नागपुर के काटोल तहसील के राऊलगांव स्थित SBL Energy Limited की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में रविवार को हुए भीषण विस्फोट में 18 लोगों की मौत और 24 लोग घायल हो गए। जिसके बाद सियासी हलकों में इस हादसे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। अब महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी(SP) नेता अनिल देशमुख ने फडणवीस सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैंने छह महीने पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्र सरकार के मंत्रियों और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव ऑर्गनॉइजेशन (PESO) को पत्र लिखकर नागपुर में विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्रियों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।

नागपुर ब्लास्ट।

नागपुर ब्लास्ट।

'समय पर ऑडिट होता तो टल सकती थी त्रासदी'

देशमुख ने कहा कि बाजरगांव क्षेत्र में पहले भी विस्फोट हो चुके हैं,जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की थी। अगर समय पर सुरक्षा ऑडिट किया गया होता तो आज की यह बड़ी घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने इसे सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन का नतीजा बताया।

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