मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान दर्द की दवा बताकर मौत की खुराक बांटने के मामले में पुणे निवासी फैयाज प्रेमजी की गिरफ्तारी के बाद जो पता चला है वह रौंगटे खड़े कर देने वाला है। जांच एजेंसियों ने दावा किया कि फैयाज मुहर्रम जुलूस को कथित तौर पर निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर लोगों को मारना चाहता था। इसके लिए उसने बेहद खतरनाक प्लान ही नहीं बनाया था, बल्कि उसको अमलीजामा पहनाने में भी लगा था।
15000 लोगों को मौत की नींद सुलाना चाहता था फैयाज।
ऑनलाइन मंगवाए थे 50 किलो जिंक फॉस्फाइड और 30 हजार खाली कैप्सूल
पुलिस ने बताया कि आरोपी फैयाज ने अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए ऑनलाइन 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड (चूहे मारने में इस्तेमाल होने वाला जहर) और 30 हजार खाली कैप्सूल मंगवाए थे। आरोप है कि वह इन कैप्सूलों में जहर भरकर उन्हें दर्द निवारक और इम्यूनिटी बूस्टर बताकर वह मुहर्रम जुलूस में लोगों में बांटने की योजना बना रहा था।
ये था टारगेट
पुलिस के मुताबिक आरोपी को 27 जून को मुंबई के रहमताबाद कब्रिस्तान के पास गिरफ्तार किया गया। उसके डोंगरी स्थित किराए के कमरे से लगभग 15 हजार तैयार ज़हरीले कैप्सूल और बड़ी मात्रा में जिंक फॉस्फाइड बरामद किया गया है। जांच में सामने आया है कि उसका लक्ष्य कुल 30 हजार कैप्सूल तैयार कर मुहर्रम जुलूस के दौरान वितरित करना था।
खुद न बांटकर रखे वालंटियर, अब तक 11 लोग बीमार पड़े
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने अकेले कैप्सूल बांटने के बजाय कई वालंटियर की मदद ली। उसने उन्हें बताया कि वे विटामिन और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले कैप्सूल लोगों में बांट रहे हैं। पुलिस के अनुसार अब तक कम से कम 11 लोग इन कैप्सूलों का सेवन करने के बाद बीमार पड़ चुके हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। पीड़ित सलमान सैयद और अली अब्बास ने पुलिस को बताया कि उन्हें ये कैप्सूल विटामिन सप्लीमेंट बताकर दिए गए थे। सेवन करने के तुरंत बाद उन्हें उल्टी और तबीयत बिगड़ने की शिकायत हुई।
ईरान-इराक कनेक्शन की जांच
फैयाज प्रेमजी पुणे के विमान नगर का रहने वाला है और पेंटिंग का कारोबार करता है। वह तलाकशुदा है। जांच में सामने आया है कि उसकी मां ईरान और बहन इराक में रहती हैं। पिछले 12 महीनों में वह 19 बार ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है।
पुलिस अब उसके बैंक लेन-देन, मोबाइल फोन, डिजिटल कम्युनिकेशन और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क या विदेशी हैंडलर का हाथ था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी साल 2025 में ईरान और इराक गया था। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। इस मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 110 और 123 के तहत जहर देने और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि फैयाज प्रेमजी शिया खोजा मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है।
'15 हजार लोगों को मारना चाहता था'
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसका मकसद 15 हजार लोगों की हत्या करना था। इसी उद्देश्य से वह लगातार कई दिनों तक एक-एक खाली कैप्सूल में जिंक फॉस्फाइड भरता रहा।
क्या होता है जिंक फॉस्फाइड?
जिंक फॉस्फाइड एक अत्यधिक जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से चूहों को मारने के लिए किया जाता है। यह पेट में पहुंचने पर हाइड्रोक्लोरिक एसिड के संपर्क में आकर फॉस्फीन गैस बनाता है, जो शरीर की कोशिकाओं और महत्वपूर्ण अंगों पर तेजी से हमला करती है। इसके सेवन से उल्टी, पेट दर्द, दस्त, चक्कर और सिरदर्द जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर मामलों में फेफड़ों में पानी भरना, हार्ट अटैक, लीवर और किडनी फेल होने जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी कुछ सौ मिलीग्राम मात्रा भी इंसान की जान लेने के लिए पर्याप्त हो सकती है।
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ATS और केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं जांच
मुंबई पुलिस, एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मामले की संयुक्त जांच कर रही हैं। बरामद कैप्सूलों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह कथित साजिश किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी या आरोपी ने इसे अकेले अंजाम देने की योजना बनाई थी।
