भारत में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए कावेरी नदी पर पुल का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह गुजरात में निर्मित 20 नदी पुलों में से 11वां नदी पुल है। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए गुजरात के नवसारी जिले में कावेरी नदी पर पुल का निर्माण 25 अगस्त 2024 को पूरा किया गया।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत एक और ब्रिज तैयार
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पुल की खासियत
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अनुसार, पुल 120 मीटर लंबा है और इसे तीन फुल-स्पैन गर्डरों द्वारा सहारा दिया गया है, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 40 मीटर है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुल को सहारा देने वाले खंभों की ऊंचाई 13 से 21 मीटर तक है, जिसमें एक खंभे का व्यास 4 मीटर और अन्य तीन का व्यास 5 मीटर है।
पुल की मुख्य विशेषताएं:
- लंबाई: 120 मीटर
- 3 फुल स्पैन गर्डर्स (प्रत्येक 40 मीटर) से मिलकर बना है
- पियर्स की ऊंचाई - 13 मीटर से 21 मीटर है
- इसमें 4 मीटर व्यास का एक (01) और 5 मीटर व्यास के तीन (03) गोलाकार पियर्स है
- यह पुल वापी और बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशन के बीच में है।
- इन दो स्टेशन के बीच में कोलक, पार और औरंगा नदी पर भी पुल का निर्माण पूरा किया जा चुका है
- यह नदी अंबिका नदी की ट्रीब्यूटरी में से एक है, जो महाराष्ट्र राज्य के साथ गुजरात राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में वंसदा तालुका की पहाड़ियों से निकलती है
- कावेरी नदी, वापी बुलेट ट्रेन स्टेशन से 46 कि.मी. और बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशन से 04 कि.मी. की दूरी पर है
और कहां-कहां बना पुल
इसके अलावा, पार (वलसाड जिला), पूर्णा (नवसारी जिला), मिंधोला (नवसारी जिला), अंबिका (नवसारी जिला), औरंगा (वलसाड जिला), वेंगानिया (नवसारी जिला), मोहर (खेड़ा जिला), धाधर (वडोदरा जिला), कोलक (वलसाड जिला) और वात्रक नदी (खेड़ा जिला) पर पुलों का निर्माण हो चुका है।
