Mulayam Singh Yadav passed away: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संरक्षक और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नहीं रहे। सोमवार (10 अक्टूबर, 2022) को दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में मेदांता अस्पताल में आठ बजकर 16 मिनट पर उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। वह 82 साल के थे और वहां एक हफ्ते से भर्ती थे।
मुलायम सिंह यादव तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
इटावा के सैफई में जन्में मुलायम बेहद जमीनी किस्म के नेता थे और तीन बार यूपी के सीएम रहे। उनके पिता चाहते थे कि वह पहलवान ही बने, पर पहलावानी करते हुए वह आगे बढ़े और पढ़ाई के रास्ते इंग्लिश के टीचर बने। पढ़ाया भी और फिर पॉलिटिक्स में आ गए।
मेरे आदरणीय पिता जी और सबके नेता जी नहीं रहे - श्री अखिलेश यादव undefined
— ANI (@ANI) Oct 10, 2022
वह भी शुरुआत में पहलवान बनना चाहते थे और इसके काफी शौकीन थे। मैनपुरी में एक रेसलिंग मैच के दौरान जसवंतनगर के तत्कालीन विधायक नाथू सिंह की उन पर नजर पड़ी थी, जिसके बाद उन्होंने सिंह को अपना शागिर्द बना लिया था। बाद में मुलायम संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़कर सियासी मैदान में कूदे थे। 1967 में पहली बार वह विधायक चुने गए थे।
I had many interactions with Mulayam Singh Yadav Ji when we served as Chief Ministers of our respective states. The… t.co/6W75RLfkfu
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इमरजेंसी के दौरान वह गिरफ्तार किए गए और कई महीनों तक बंद रहे। आगे 1992 में उन्होंने सपा की स्थापना की, जबकि यूपी के 1989-91, 1993-95 और 2003-2007 के बीच सीएम रहे। यही नहीं, वह 1996-98 के बीच यूनाइटेड फ्रंट सरकार में रक्षा मंत्री भी रहे।
राम मनोहर लोहिया से सियासी दांव पेंच सीखने वाले मुलायम चौधरी चरण सिंह को अपना गुरु मानते थे। उनकी छवि एक धर्मनिरपेक्ष नेता की थी। अपने सियासी सफर में उन्होंने धूप और छांव को देखा। पॉलिटिक्स में आने के बाद शुरुआती दिनों में वह साइकिल से प्रचार करने जाया थे। बताया जाता है कि इसी साइकिल की सवारी के चलते उनकी पार्टी को यह प्रतीक चिह्न मिला था।
