Mukhtar Ansari : Mukhtar Ansari : अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी को उम्र कैद, आजीवन जेल में रहेगा माफिया

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 6, 2023, 01:22 PM IST

Awdhesh Rai murder case : तीन अगस्त को 1991 को वाराणसी के लहुराबीर इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी भी नामजद था। अवधेश के भाई अजय राय ने केस दर्ज कराया था। हमले में अवधेश राय को गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

Awdhesh Rai murder case : अवधेश राय मर्डर केस में वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुना दिया। इस हत्याकांड में अदालत ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। कोर्ट से मुख्तार अंसारी को उम्र कैद की सजा हुई है। साथ ही कोर्ट ने उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्तार को सजा देने वाला यह फैसला 32 साल 10 महीने के बाद आया है। अंसारी को यह सजा करीब 32 साल पुराने हत्याकांड में हुई है। बता दें कि तीन अगस्त को 1991 को वाराणसी के लहुराबीर इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी भी नामजद था। अवधेश के भाई अजय राय ने केस दर्ज कराया था। हमले में अवधेश राय को गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

गत 19 मई को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया

मुख्तार पर अदालत के फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर में वाराणसी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इससे पहले विशेष अदालत ने गत 19 मई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने कहा कि इस हत्याकांड में वह पांच जून को सजा सुनाएगी। अजय राय ने एफआईआर में मुख्तार अंसारी, भीम सिंह एवं पूर्व विधायक अब्दुल करीम को नाम लिया था।

चार मामलों में हो चुकी है सजा

बीते एक साल में मुख्तार अंसारी को चार मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन इन सभी मामलों में अवधेश राय हत्याकांड का मामला सबसे बड़ा और सबसे बड़ी सजा के प्रावधान वाला था। गौरतलब है कि तीन अगस्त 1991 को वाराणसी के लहुराबीर इलाके में कांग्रेस नेता अवधेश राय अपने भाई अजय राय के साथ घर के बाहर खड़े थे। सुबह का वक्त था। तभी एक वैन में सवार होकर आए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले में अवधेश राय बुरी तरह जख्मी हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। भाई के हत्यारों की सजा दिलाने के लिए अजय राय ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

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