Monsoon Session: मानसून सत्र को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी कमर कस ली है। सरकार 18वीं लोकसभा के आठवें सत्र (मानसून सत्र) के दौरान पांच नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें आयकर कानून, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) से जुड़े अहम संशोधन शामिल हैं। इनमें से आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 अध्यादेशों की जगह लाने के लिए पेश किए जाएंगे।
मानसून सत्र में सरकार का बड़ा एजेंडा, आयकर समेत 5 नए विधेयक लोकसभा में होंगे पेश। AI IMAGE
इन विधेयकों को संसद में किए जा सकते हैं पेश
सरकार जिन नए विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है, उनमें आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।
इन दो लंबित विधेयकों को भी आगे बढ़ाएगी सरकार
इसके अलावा सरकार दो पहले से लंबित विधेयकों को भी आगे बढ़ाएगी। इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) शामिल है, जिसे 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था। दूसरा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 है, जिसे 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश करने के बाद संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया था।सरकार का उद्देश्य इन विधेयकों के जरिए कर व्यवस्था, न्यायपालिका, नागरिक पंजीकरण प्रणाली, राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून और MSME क्षेत्र में आवश्यक कानूनी बदलाव करना है। मानसून सत्र के दौरान इन विधेयकों पर व्यापक चर्चा और पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
लगातार कमजोर होता जा रहा विपक्ष
बता दें कि बजट सत्र (फरवरी 2026) से लेकर अब जुलाई महीने के बीच विपक्ष लगातार कमजोर होता नजर आ रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी के 28 में से 20 सांसद टूटकर नेशनल कॉमन पीपुल्स इनिशिएटिव (NCPI) में शामिल हो गए और NDA को समर्थन दे रहे हैं. स्पीकर ओम बिरला इनके विलय पर फैसला लेंगे। उद्धव ठाकरे के गुट के 6 सांसद एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो गए।
तमिलनाडु में कांग्रेस के TVK से गठबंधन के बाद डीएमके, इंडी गठबंधन से अलग हो गया। डीएमके के 22 सांसद अब विपक्ष के साथ नहीं गिने जाएंगे। हालांकि डीएमके, एनडीए में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन बीजेपी को उम्मीद है कि वह चुनिंदा बिलों पर इश्यू-बेस्ड समर्थन दे सकता है।
किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष?
बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास (10 जनपथ) पर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर के अलावा, तारिक अनवर, गौरव गोसाई, के सुरेश, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी सहित कई दिग्गज नेता पहुंचे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "हम इस मुद्दे (राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी) को जरूर उठाएंगे। यह एक बड़ा मुद्दा है। यह लोगों के भरोसे और आस्था का धोखा है।"
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'चढ़ावा चोरी' यानी आस्था के साथ धोखा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गहराता भ्रष्टाचार, संस्थाओं पर कब्जा, राजनीतिक दलों को तोड़ने की राजनीति, कई घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप, कमर तोड़ महंगाई, विदेश नीति की विफलताएं और रणनीतिक चूक, 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर इथेनॉल ब्लेंडिंग थोपना, बेलगाम वनों की कटाई तथा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर लगातार हो रहे हमले जैसे अहम मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी आगामी मानसून सत्र के दौरान मोदी सरकार को जवाबदेह ठहराएगी।
