Monsoon 2026 : देशभर के विभिन्न राज्यों में मॉनसून का असर अलग-अलग दिख रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, जबकि महाराष्ट्र में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जानमाल का नुकसान हुआ है। ओडिशा में रथयात्रा से पहले मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और तमिलनाडु में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और भूस्खलन की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, इस सप्ताह उत्तर भारत के राज्यों में बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश से मौसम का मिजाज बदल सकता है, लेकिन धूप निकलने से उमस भी परेशान करेगी।
मॉनसूनी बारिश से बाढ़ का खतरा
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में अगले छह दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। बीच-बीच में हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही से लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल किसी प्रकार का रेड, ऑरेंज या येलो अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
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राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ने से अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश ही दर्ज की गई। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है। हनुमानगढ़ में सबसे अधिक 37 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक बड़े हिस्से में बारिश की संभावना कम है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने हालात बिगाड़ दिए हैं। चार जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, जबकि राज्यभर में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,02,917 पहुंच गई है। अब तक सात लोगों की मौत और 29 लोग घायल हो चुके हैं। अपर सियांग जिला सबसे अधिक प्रभावित है। लगातार बारिश के बीच कुमे नदी पर बना 84 मीटर लंबा पुल बह जाने से आठ गांवों का संपर्क कट गया है। राहत की बात यह रही कि पिछले 24 घंटे में किसी नई मौत या लापता होने की सूचना नहीं मिली।
ओडिशा में रथयात्रा से पहले भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र को देखते हुए पुरी सहित ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 16 जुलाई को होने वाली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान मौसम चुनौती बन सकता है। कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। समुद्र में ऊंची लहरों की आशंका के चलते 14 से 18 जुलाई तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र में बारिश से 12 मौतें
महाराष्ट्र में 8 से 13 जुलाई के बीच बारिश और मौसम संबंधी घटनाओं में 12 लोगों की मौत तथा 21 लोग घायल हुए हैं। सबसे बड़ी घटना पुणे के मोशी इलाके में इमारत गिरने से नौ लोगों की मौत रही। मौसम विभाग के अनुसार कोंकण, पुणे और नासिक में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि राज्य के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। संभावित खतरे को देखते हुए मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि और सतारा समेत संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहले से तैनात कर दी गई हैं।
पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी
अलीपुर मौसम केंद्र ने कोलकाता और दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में शनिवार तक भारी बारिश और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जारी किया है। कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार समेत कई जिलों में भी सप्ताहांत से भारी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
तमिलनाडु में कमजोर मानसून से बढ़ी गर्मी
तमिलनाडु में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर रहने के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। वेल्लोर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 16 जुलाई तक गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी दी है। हालांकि पश्चिमी घाट से लगे कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
