Quami Insaaf Morcha protest: पंजाब के मोहाली में शनिवार को कैदियों की रिहाई को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने उग्र विरोध-प्रदर्शन किया। जेल में बंद कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर मोर्चा के सदस्य राज्यपाल भवन की तरफ आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। इस प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है।
मोहाली में कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन।
स्कूल रोड के पास भारी बैरिकेडिंग
प्रदर्शनकारी 1980 और 1990 के दशक से देशभर की जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए शहर के दक्षिणी हिस्से में जेल रोड और यादविंद्रा पब्लिक स्कूल रोड के पास भारी बैरिकेडिंग की गई है। चंडीगढ़ पुलिस ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी है। राज्यपाल के आवास की ओर जाने वाली दोनों सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। राज्यपाल के सुबह परेड ग्राउंड में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए रवाना होने के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए उनके संभावित मार्ग पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
प्रदर्शनकारियों ने YPS चौक को अवरुद्ध कर रखा है
इस मोर्चे के शहर में प्रवेश के पिछले प्रयासों में कई बार हिंसा हुई है। 8 फरवरी 2023 को प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की ओर मार्च करने से रोके जाने के बाद सेक्टर 52/53 की डिवाइडिंग रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी। इस घटना में कम से कम 33 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद UT पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और करीब 30 लोगों को संदिग्धों की सूची में रखा था। इसके बाद भी पुलिस के साथ हिंसा और झड़प की कई घटनाएं सामने आई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदर्शनकारियों ने 7 जनवरी 2023 से YPS चौक को अवरुद्ध कर रखा है और यहां अपने टेंट लगाए हुए हैं।
