मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को सेशंस कोर्ट से भी राहत नहीं, नहीं बहाल होगी संसद सदस्यता

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 20, 2023, 11:31 AM IST

Modi Surname case: मोदी सरनेम मामले में सेशंस कोर्ट ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखा है। इसका अर्थ यह है कि उनकी दो साल की सजा बरकरार रहेगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • मोदी सरनेम मामले में सेशंस कोर्ट से भी झटका
  • 2 साल की सजा पर रोक लगाने इनकार
  • 2019 में मोदी सरनेम पर राहुल गांधी ने की थी टिप्पणी

Modi Surname case: मोदी सरनेम मामले में सेशंस कोर्ट ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखा है। इसका अर्थ यह है कि उनकी दो साल की सजा बरकरार रहेगी। सेशंस कोर्ट(sessions court surat) ने सजा को निलंबित किए जाने की अपील को खारिज कर दिया है।सूरत के सेशन कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। एडिशनल सेशन कोर्ट जज आर पी मोगेरा ने कहा कि 20 अप्रैल को फैसला सुनाया। मोदी सरनेम मानहानि मामले में राहुल गांधी की ओर से अर्जी दी गई थी। जिसमें निचली कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ अपील की गई थी। राहुल गांधी ने सजा पर रोक की याचिका दाखिल की है। इस मामले पर अदालत ने पूर्णेश मोदी के साथ ही गुजरात सरकार को भी नोटिस जारी किया था।

Rahul Gandhi, Modi surname case

राहुल गांधी

क्या है पूरा मामला

आखिर राहुल गांधी ने कहा क्या था जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ़ी और फिर सांसदी भी गई?कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कर्नाटक के कोलार (Modi surname statement in kolar rally) की एक रैली में 2019 में मोदी सरनेम पर की गई टिप्पणी को लेकर याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी ने मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिस पर राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई गई थी। 24 मार्च को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस तरह से बयान दिया था उससे एक समाज की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। एक जिम्मेदार नेता से इस तरह के बयान की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। बता दें कि 2019 वाले बयान के खिलाफ सूरत वेस्ट से विधायक रहे पूर्णेश मोदी(Purnesh Modi) ने शिकायत दर्ज करायी थी।

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