मोदी सरकार ने फर्जीवाड़े में लिप्त चीनी कंपनियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने कुल 232 ऐप्स को भारत में बैन करने का फैसला किया है। मोदी सरकार ने तत्काल और आपातकालीन आधार पर चीनी लिंक वाले 138 सट्टेबाजी ऐप्स और 94 ऋण देने वाले ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने और ब्लॉक करने का निर्णय लिया है।
चीनी ऐप्स पर बैन
गृह मंत्रालय का आदेश
मिली जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इस संबंध में इस सप्ताह गृह मंत्रालय (MHA) से एक आदेश मिला है। जिसके बाद MeitY ने इन ऐप्स को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसाप इन ऐप के बारे में सबूत मिले हैं कि इसमें ऐसी सामग्री है जो आईटी अधिनियम की धारा 69 के तहत भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक है।
क्या था खेल
ये ऐप्स मजबूर लोगों की तलाश करते थे, उन्हें ऋण लेने का लालच दिया जाता है और फिर सालाना 3,000 प्रतिशत तक ब्याज बढ़ा दिया जाता है। जब कर्जदार पूरे कर्ज की तो बात ही दूर, ब्याज चुकाने में असमर्थ हो गए तो इन ऐप्स का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों ने कर्ज में डूबे लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने उन्हें भद्दे संदेश भेजे, उनकी अश्लील तस्वीरों को शेयर करने की धमकी देते थे। उनके रिश्तेदारों को ये तंग करते थे। ताकि पैसे की उगाही हो सके।
कैसे खुला राज
यह मामला विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उन लोगों द्वारा आत्महत्याओं के बाद सुर्खियों में आया, जिन्होंने इस तरह के ऋण लिए थे या सट्टेबाजी ऐप्स में पैसे लगाकर गंवा दिए थे। कहा जा रहा है कि कई राज्यों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने तब केंद्रीय गृह मंत्रालय से इन ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।
