UPI फीस पर 'विदेशी दबाव' का हल्ला, सरकार की दो टूक- कोई बाहरी असर नहीं, फैसला हमारा अपना

15 अक्टूबर से, 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR फीस लगेगी। हालांकि,NPCI ने कहा कि इसका भुगतान मर्चेंट (व्यापारी) करेंगे और ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

केंद्र सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के पीछे विदेशी दबाव था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए उठाया गया था। इन आरोपों पर स्थिति साफ करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारत की UPI पॉलिसी से जुड़े फैसले 'स्वतंत्र रूप से' लिए गए हैं और यह ग्राहकों के लिए मुफ्त बनी रहेगी।

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UPI फीस पर 'विदेशी दबाव' का हल्ला (फाइल फोटो)

बयान में कहा गया, 'कुछ दावों में कहा जा रहा है कि यह बदलाव विदेशी दबाव के कारण हुआ है। यह गलत है। भारत की UPI पॉलिसी से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं, जिनका मकसद एक आत्मनिर्भर, समावेशी और किफायती डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम बनाना है।'

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