One Nation-One Election: मोदी सरकार ने वन नेशन-वन इलेक्शन, यानि कि एक देश एक चुनाव को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने इसे लेकर एक कमेटी गठन करने का फैसला किया है। इस कमेटी की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे।
क्या होगा कमेटी का काम
मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने ‘एक देश एक चुनाव’ की संभावनाएं तलाशने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई में इस समिति का गठन किया है। कहा जा रहा है कि कमेटी गठन की आधिकारिक नोटिफिकेशन आज कभी भी आ सकती है। पैनल के सदस्यों पर एक अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी।
विशेष सत्र में विधेयक
सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार 18 से 22 सितंबर तक होने वाले संसद के विशेष सत्र के दौरान 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक पेश कर सकती है। संसद का मानसून सत्र 11 अगस्त को समाप्त हो गया था। जिसके बाद अब विशेष सत्र बुलाया गया है।
क्या है एक देश एक चुनाव
'एक देश, एक चुनाव' का विचार पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने से है। इसका मतलब यह है कि पूरे भारत में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे, संभवतः एक ही समय के आसपास मतदान होगा।
पीएम मोदी करते रहे हैं वकालत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने पर कई साल से दृढ़ता से जोर दे रहे हैं और इस संबंध में संभावनाओं पर विचार का जिम्मा कोविंद को सौंपने का निर्णय, चुनाव संबंधी अपने दृष्टिकोण के विषय में सरकार की गंभीरता को रेखांकित करता है। नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसके बाद अगले साल मई-जून में लोकसभा चुनाव हैं। सरकार के इस कदम से आम चुनाव एवं कुछ राज्यों के चुनाव को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी खुली हैं, जो लोकसभा चुनावों के बाद में या साथ होने हैं।
