बीजापुर के कोंडापल्ली में पहली बार पहुंचा मोबाइल नेटवर्क, लोगों ने बजाए ढोल–मांदर; जलाए दीपक

बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद के डर ने प्रगति की हर राह रोक दी थी, वहां अब पूरी तस्वीर बदल रही है। बीजापुर के दूरस्थ कोंडापल्ली गांव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क पहुँचने के बाद वर्षों की बंदिशें टूटीं और लोगों को लगा कि विकास अब सचमुच घर–द्वार पर दस्तक दे रहा है।

बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद के कारण भय और अलगाव का माहौल था, वहां अब बदलते दौर की स्पष्ट झलक दिखाई देने लगी है। बीजापुर के दूरस्थ ग्राम कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क पहुंचने के साथ ही न सिर्फ तकनीकी सुविधा आई, बल्कि लोगों के मन में यह विश्वास भी जागा कि नक्सलवाद की समाप्ति अब जमीन पर दिखने लगी है। जैसे ही ग्रामीणों के मोबाइल फोन में सिग्नल दिखाई दिया, आदिवासी परिवार बड़ी संख्या में टॉवर के पास पहुंचे।

bijapur

बीजापुर के कोंडापल्ली गांव में पहली बार पहुंचा मोबाइल नेटवर्क।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

उन्होंने ढोल–मांदर बजाए, कुछ बुज़ुर्गों ने मोबाइल टॉवर को हाथ लगाकर प्रणाम किया और कई महिलाओं ने दीपक जलाकर पूजा-अर्चना की। यह दृश्य उस बदलाव का प्रतीक बन गया जिसकी प्रतीक्षा वर्षों से थी।

End of Feed