सिर्फ शादी से इनकार आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल शादी से इनकार करना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने तेलंगाना की एक महिला आत्महत्या मामले में छह आरोपियों पर दर्ज केस रद्द कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की आत्महत्या के मामले में छह आरोपियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। महिला ने अपने साथी की ओर से शादी से इनकार किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ शादी से इनकार करना, भले ही उसके बाद महिला आत्महत्या कर ले, अपने आप में आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं बनता है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल शादी से इनकार करना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं है। (फोटो- PTI)

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि अलग-अलग लोग परिस्थितियों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं। इसलिए किसी रिश्ते के टूटने के बाद आत्महत्या हो जाने को हर मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के तौर पर नहीं माना जा सकता।

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