Mehbooba Mufti on Kashmiri Protesters: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के युवाओं से माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि अगर कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को लेकर मेरे द्वारा कही गई बात से कोई आहत हुआ है, तो मैं माफी मांगती हूं। दरअसल, उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे 'जेन जेड' के प्रदर्शनकारियों की तुलना कश्मीर के आंदोलनकारियों से करके और घाटी में आतंकवाद से लड़ने के नाम पर बल प्रयोग को उचित करार देकर सियासी विवादों में घिर गई हैं और नेशनल कांफ्रेंस ने उनसे माफी मांगने की मांग की है।
महबूबा मुफ्ती ने ऐसा क्या किया, जो माफी मांगने की आ गई नौबत? कश्मीर में आखिर क्या हुआ, जानें
महबूबा ने जंतर-मंतर पर दिए बयानों में प्रदर्शनकारियों पर पहले की गई सख्त कार्रवाई का बचाव करने की कोशिश की। इस पर विरोधी राजनीतिक दलों ने तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया दी और पूर्व मुख्यमंत्री पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए उनके 2016 के विवादित 'दूध और टॉफी' वाले बयान की याद दिलाई।
महबूबा मुफ्ती से कहां हुई गलती?
पीडीपी अध्यक्ष ने जंतर-मंतर पर घाटी में पहले पैलेट गन के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि कश्मीर में स्थिति अलग थी, क्योंकि सुरक्षा बल आतंकवाद से लड़ रहे थे, जबकि साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का विरोध भी किया। जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में कहा, 'अगर आप एक कश्मीरी हैं और अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं, तो 'आप पर बल प्रयोग करना तो बनता है' (आपके खिलाफ बल प्रयोग करना जायज है)। वाह।'
पीडीपी ने विवादित बयानों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था, लेकिन अनौपचारिक तौर पर पार्टी नेताओं ने कहा कि महबूबा के बयान को संदर्भ से हटकर पेश किया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को जंतर-मंतर जाने के बजाय घर पर रहना चाहिए था और कश्मीरियों के खिलाफ बल प्रयोग को उचित ठहराने वाली अपनी टिप्पणियों के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर की 'संवैधानिक स्थिति को बहाल करने' की मांग को लेकर पांच अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया।
