Ram Mandir Donation Row: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान के गबन को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के खिलाफ चेतावनी दी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा, अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, गबन और दुरुपयोग के संबंध में प्रतिदिन सामने आ रही मीडिया रिपोर्टें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। ऐसे लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना भी उचित नहीं है।
राम मंदिर चढ़ावा केस में मायावती का बयान
चढ़ावे का हिसाब-किताब रखने की प्रणाली अपनाई जाए
उन्होंने आगे कहा, "साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के संबंध में भविष्य में कोई शिकायत न आए, यह उचित होगा कि देश के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों द्वारा अपनाई जाने वाली दान और चढ़ावे के हिसाब-किताब रखने की प्रणाली को अपनाया जाए और इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का अंधा धार्मिकरण, इन सभी से बचना चाहिए। यही उचित होगा और संविधान के अनुरूप होगा। यह राष्ट्र और जनता के हित में बसपा की राजनीतिक दलों को सलाह है और साथ ही देश की जनता से अपील भी है।
उनका यह पोस्ट अयोध्या पुलिस और राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल द्वारा अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई धनराशि की चोरी की चल रही जांच के बीच आया है। अब तक दान की गई धनराशि गिनने से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मंदिर प्रबंधन में शामिल उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पुलिस के सामने चंपत राय का बयान
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने पुलिस के सामने जो बयान दिया है, उसकी जानकारी अब सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस के सामने चंपत राय ने कहा है किचंदा चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। अपने ड्राइवर टिन्नू यादव को लेकर चंपत राय ने कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि टिन्नू ऐसा करेगा, उसने गलत किया है।
क्या चंदा चोरी की जानकारी थी?
चंपत राय ने कहा कि जब उन्हें चोरी की जानकारी मिली तो उन्होंने एक्शन लिया, पड़ताल किया, साथ ही पैसे भी रिकवर करवाए। चंपत राय ने कहा कि वो इस चोरी के लिए जवाबदेह तो हो सकते हैं लेकिन जिम्मेदार नहीं हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति में सिफारिश को लेकर भी पुलिस ने चंपत राय से सवाल किए। चंपत राय ने बताया कि सिर्फ उनकी ही नहीं बल्कि ट्रस्ट के और पदाधिकारियों, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की सिफारिश पर भी कर्मचारी रखे जाते हैं। इनकी नियुक्ति में किसी की मंशा बुरी नहीं थी।
