बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान अपनाई गई 140 पैराग्राफ वाली दिल्ली घोषणा को बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि गंभीर आर्थिक संकट, तनाव, संघर्ष और अमेरिका की ओर से यूक्रेन तथा ईरान को लेकर उठाए गए कदमों और टैरिफ जैसी चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों का सर्वसम्मति से घोषणा को स्वीकार करना कूटनीतिक समझ और दूरदर्शिता को दर्शाता है। मायावती ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने की साझा इच्छा उम्मीद जगाती है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स करेंसी का विकास इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
BRICS की दिल्ली घोषणा को मायावती ने बताया बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि, बोलीं- भारत-चीन सीमा विवाद का हो जल्द समाधान। PTI
फिलिस्तीन को लेकर ब्रिक्स के रुख की सराहना
बीएसपी प्रमुख ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने दो-राष्ट्र समाधान और 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन का एकजुट समर्थन किया है। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण रुख बताया।
मायावती ने कहा कि पहलगाम घटना के संदर्भ और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई की भारत की सोच को भी घोषणा में उचित समर्थन और सराहना मिली है।
चीन के साथ रिश्तों पर भी बोलीं मायावती
मायावती ने भारत और चीन के संबंधों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पड़ोसी चीन के साथ मतभेदों को बड़े विवाद में बदलने से रोकने और दोनों देशों को एक-दूसरे के विकास साझेदार के तौर पर देखने का दृष्टिकोण अपनाया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस नीति के परिणामों का आकलन आने वाले समय में किया जाना होगा। बीएसपी प्रमुख ने कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का जल्द से जल्द द्विपक्षीय बातचीत के जरिए समाधान होना सबसे बेहतर होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश इस मुद्दे को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
ब्रिक्स में बढ़ा है वैश्विक दक्षिण का विश्वास: पीएम मोदी
बता दें कि ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भारत की अध्यक्षता के विजन को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में पूरा ध्यान चार मुख्य स्तंभों, रेजिलिएंस (Resilience), इनोवेशन (Innovation), कोऑपरेशन (Cooperation), और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर केंद्रित रहा है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों को समय रहते पहचानना होगा, और तुरंत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में वैश्विक दक्षिण का विश्वास बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, मुझे खुशी है कि आप सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा दृष्टिकोण को एक 'विन-विन' (Win-Win) साझेदारी में बदलने में सफल रहे हैं।
