Maratha Reservation protest: महाराष्ट्र के जलाना में जारी मराठा आंदोलन के हिंसक होने से 45 पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया है, जिसमें आम लोगों के भी घायल होने की खबर है, हालांकि उनका आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
कई अधिकारी घायल
घायल होने वाले पुलिसकर्मियों में 2 अडिशनल SP एक DY SP, इंस्पेक्टर रैंक के महिला-पुरूष 17 सहित बाकी कांस्टेबल स्तर के लोग हैं। सिविलियन का आंकड़ा अभी तक सामने नहीं आया है। लेकिन सूत्रों कि माने तो पुलिस कर्मियों की तरह ही बड़ी संख्या में आम लोग भी घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को आंदोलन हिंसक हो गया और कुछ लोगों ने राज्य परिवहन की बसों और निजी वाहनों को निशाना बनाया।
पुलिस पर आरोप
ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस ने हवा में गोलीबारी की, लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की। मनोज जारांगे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर मंगलवार से गांव में भूख हड़ताल कर रहे थे। राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान किये गये आरक्षण को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया था।
अतिरिक्त पुलिसबल तैनात
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों से बात की थी और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि जालना में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में गोंडी थाने में 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 353, 332, 147 और 149 के तहत मामला दर्ज किया है।
सरकार क्या बोली
उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि पथराव के कारण पुलिस को लाठीचार्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का घेराव किया जो उनसे बात करने गई थी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन लोगों ने भूख हड़ताल पर बैठे व्यक्ति को घेर लिया और पुलिस को उसे अस्पताल ले जाने से भी रोका।
