मणिपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूछा- महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कितने मामले हुए दर्ज?

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 31, 2023, 02:23 PM IST

केंद्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि अगर शीर्ष अदालत मणिपुर हिंसा के मामले में जांच की निगरानी करती है तो केंद्र को कोई आपत्ति नहीं है।

Manipur violence: सुप्रीम कोर्ट में आज मणिपुर में हुई हिंसा के मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने अशांत मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए एक व्यापक प्रणाली बनाने की वकालत करते हुए सरकार से सवाल किया कि राज्य में मई महीने से इस तरह की घटनाओं के मामले में कितनी प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं? केंद्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि अगर शीर्ष अदालत मणिपुर हिंसा के मामले में जांच की निगरानी करती है तो केंद्र को कोई आपत्ति नहीं है।

कपिल सिब्बल ने रखा महिलाओं का पक्ष

मणिपुर हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ सुनवाई कर रही है। जब मामला सुनवाई के लिए आया तो वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उन दो महिलाओं की ओर से पक्ष रखा जिन्हें चार मई के एक वीडियो में कुछ लोगों द्वारा निर्वस्त्र करके उनकी परेड कराते हुए देखा गया था। सिब्बल ने कहा कि उन्होंने मामले में एक याचिका दायर की है। मामले में सुनवाई चल रही है।

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