Manipur News: मणिपुर में पिछले करीब ढाई महीने से जारी हिंसा के बीच यहां महिलाओं से हुई दरिंदगी की खबर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। जिस तरह से दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर घुमाया गया उनके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं...घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से हंगामा बरपा है।
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सदमे में मां
पीड़िता में से एक महिला की मां ने उस दिन का वाक्या सुनाया। महिला की मां गहरे सदमे में हैं और बोलते-बोलते रुक जाती हैं। पीड़िता की मां ने जुल्म की जो हकीकत बताई उसे जानकर हर किसी के होश उड़ जाएंगे।
पति और बेटे की हत्या
महिला की मां ने आरोप लगाया कि मणिपुर सरकार ने हिंसा को रोकने या लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। उनके पति और बेटे को भीड़ ने पहले ही मार डाला था। महिला ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा-"मैंने अपना सबसे छोटा बेटा खो दिया है, जो मेरी पूरी उम्मीद था। मैं उम्मीद कर रही थी कि एक बार वह 12वीं कक्षा पूरी कर लेगा और बहुत कठिनाई के बाद, मैंने उसे उचित शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल भेजा। अब उसके पिता भी नहीं रहे। मेरे बड़े बेटे के पास नौकरी नहीं है। इसलिए, जब मैं अपने परिवार के भविष्य के बारे में सोचती हूं, तो मुझे लगता है कि कोई उम्मीद नहीं है। यह कहने के अलावा कि मैं निराश और असहाय महसूस करती हूं, मेरे दिमाग में कुछ भी नहीं है।"
'अब गांव लौटने की संभावना नहीं'
हिंसा के बाद समुदायों के बीच विश्वास पूरी तरह से टूटने का जिक्र करते हुए महिला ने कहा कि अपने गांव लौटने का विचार उसके दिमाग में कभी नहीं आया। उन्होंने कहा- "हमारे गांव वापस जाने की कोई संभावना नहीं है। यह विचार मेरे दिमाग में भी नहीं आया है... नहीं, हम वापस नहीं जा सकते। मैं वापस नहीं जाना चाहती। हमारे घर जला दिए गए हैं, हमारे खेत नष्ट हो गए हैं। मैं वापस क्या जाऊंगी? मेरा गांव जल गया है। मुझे नहीं पता कि मेरे और मेरे परिवार का भविष्य क्या है, लेकिन मैं वापस नहीं जा सकती।"
