Manipur Latest News:हिंसा के जख्मों से जूझ रहे अशांत मणिपुर में दो महिलाओं के साथ सरेराह दरिंदगी करने वाला मुख्यारोपी को गुस्साई भीड़ ने अपने अंदाज में सजा दी। उन्होंने मुख्यारोपी खुयरूम हेरादास (32 साल) के चेकमाई स्थित घर को फूंक दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नारे लगाते हुए उस दौरान वहां उसके घर के बाहर पहुंचे थे और उसे आग के हवाले कर दिया था। हरी टी-शर्ट पहने हेरादास की शिनाख्त वायरल वीडियो के जरिए हुई थी।
वैसे, इससे पहले दो सूबों से डीआईजी रैंक के अफसर शिफ्ट किए गए हैं। नॉर्थ ईस्ट के नागालैंड के कोहिमा (डीआईजी - ऑप्स) और असम के सिलचर (डीआईजी - रेंज) से इन सीनियर दो अधिकारियों को वहां तैनात करने का फैसला सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के महानिदेशक सुजॉय लाल थाओसेन ने गृह मंत्रालय के साथ मणिपुर के मौजूदा हालात पर चर्चा के बाद लिया।
इस बीच, गुरुवार (20 जुलाई, 2023) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दो महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में सूबे की सरकार के साथ राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस थमाए हैं। एनएचआरसी के मुताबिक, "हम ऐसी ‘बर्बर घटनाओं’ से नागरिकों, खासकर महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की ओर से उठाए गए या उठाए जाने वाले प्रस्तावित कदमों के बारे में जानना चाहते हैं।"
वहीं, यूपी की मैनपुरी सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद डिंपल यादव ने नॉर्थ ईस्ट के सूबे में जारी हिंसा के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को घेरा। उन्होंने ट्वीट किया, "भाजपा सरकार मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ भयानक अपराधों के अपराधियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? भाजपा सरकार महिलाओं के खिलाफ सभी अपराधों के लिए केवल मूकदर्शक क्यों बनी हुई है? भारत की महिलाओं के प्रति भाजपा की मानसिकता क्या है? सरकार अधिकांश महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप क्यों है?''
उधर, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन बोले कि मणिपुर की हालिया घटना देश के इतिहास में काला अध्याय है। पूरे सूबे में पिछले अस्सी दिनों से अराजकता की स्थिति है। केन्द्र सरकार ने आखिर आज इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी जिसे पूरी दुनिया देख रही है। वह देश को विश्व गुरु बनाने निकले हैं। तमाम देशों की यात्रा कर रहे हैं, जगह-जगह भव्य स्वागत हो रहा है, पर अपने देश में राज्य के अंदर युद्ध छिड़ा हुआ है। दो राज्य भी आपस में लड़ चुके हैं। अभी किसमें-किसमें, कहां-कहां युद्ध होगा कोई नहीं जानता।
दरअसल, मणिपुर में पिछले समय से होने वाली हिंसा का मामला तब और गर्मा गया, जब गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की घटना पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने पीड़ा जाहिर करते हुए बताया था कि यह घटना किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है और इससे पूरे देश की बेइज्जती हुई है। मोदी यह तक बोले थे कि उनका मन इस घटना से पीड़ित और क्रोधित हुआ है।
वैसे, मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई 2023 को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हो गई थीं। राज्य में तब से अब तक (खबर लिखे जाने तक) कम से कम 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। (पीटीआई इनपुट्स के साथ)
