मणिपुर में जारी हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के कांगपोकपी जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ शुक्रवार सुबह हथियारबंद बदमाशों ने एक नागा गांव को निशाना बनाया। इस अचानक हुए हमले में दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव चरम पर है और नागा बहुल क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
मणिपुर के कांगपोकपी में नागा गांव पर खौफनाक हमला (फाइल फोटो)
पुलिस के अनुसार, यह खौफनाक घटना सुबह करीब 8 बजे लंका नागा गांव में हुई। ग्रामीण सुरक्षा वालंटियर्स की मौजूदगी में अपने खेतों की तरफ काम करने जा रहे थे, तभी अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। मृतकों की पहचान डब्ल्यू चावांग (34) और के अबोनमई (55) के रूप में हुई है। चावांग ने सिर में गोली लगने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अबोनमई ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। घायलों को तुरंत इंफाल के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस हमले के बाद गांव के वालंटियर्स ने भी जवाबी कार्रवाई की। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार रात भी जिले के टोकपा लियांगमई नागा गांव में उपद्रवियों ने हमला कर 9 घरों को आग के हवाले कर दिया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से नागा समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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नागा पीपुल्स फ्रंट ने घटना पर जताया गहरा दुख
अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के विधायक अवंगबाउ न्यूमई ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए सभी समुदायों से हिंसा रोकने और शांति बनाए रखने की भावुक अपील की। दूसरी ओर, 'ऑल नागा स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर' (ANSAM) और 'लियांगमई नागा काउंसिल' ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
लियांगमई नागा बहुल इलाकों में 'इमरजेंसी शटडाउन' की घोषणा
विरोध में लियांगमई नागा बहुल इलाकों में 'इमरजेंसी शटडाउन' (आपातकालीन बंद) की घोषणा की गई है। आक्रोशित लोगों ने इंफाल वेस्ट के कांगलाटोंगबी इलाके में सड़कों पर पत्थर रखकर और टायर जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष में अब तक 260 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
