Mangaluru Blast: कर्नाटक (Karnataka) के दक्षिण कन्नड़ जिले के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मंगलुरु शहर में रविवार को एक चलते ऑटोरिक्शा (Autorickshaw) में हुआ विस्फोट हुआ था। अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कथित तौर पर बम विस्फोट (Bomb Blast) करने वाले संदिग्ध के आतंकी संबंध थे क्योंकि वह पड़ोसी तमिलनाडु के कोयंबटूर सहित विभिन्न स्थानों पर गया था। ब्लास्ट के बाद, कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP), प्रवीण सूद ने कहा था कि चलते ऑटो में विस्फोट एक आतंकी घटना थी, न कि कोई दुर्घटना।
कुकर बम के साथ आरोपी और ब्लास्ट के बाद अस्पताल में भर्ती
ऑटोरिक्शा में हुआ था ब्लास्ट
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के कई अधिकारियों ने दो बैटरी, नट, बोल्ट और सर्किट वायरिंग सहित कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं। पुलिस को आरोपी शारिक के पास से एक फर्जी पहचान पत्र सहित कई और आपत्तिजनक विवरण भी मिले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार विस्फोट के लिए डेटोनेटर, तार और बैटरी से लैस एक कुकर का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट के बाद ऑटोरिक्शा के अंदरूनी हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। अगर इस कुकर बम को लोकेशन तक पहुंचाने में कायम हो जाता तो भयानक तबाही वाला विस्फोट हो सकता था।
फर्जी आधार कार्ड मिला
कर्नाटक के सीएम बोम्मई ने कहा, ‘प्रथम दृष्टया, यह एक आतंकवादी कृत्य है। वह जिन स्थानों पर गया था, जैसे कोयंबटूर या अन्य स्थान, उससे उसके आतंकी संबंधों की ओर इशारा मिलता है।’ पुलिस सूत्रों ने कहा कि संदिग्ध ने जाली आधार कार्ड का उपयोग करके एक मोबाइल सिम कार्ड प्राप्त किया था, जो विस्फोट स्थल से मिला था। उन्होंने बताया कि उसने उक्त सिम कार्ड का इस्तेमाल हर जगह किया।
शारीक पहले भी हो चुका है अरेस्ट
शारिक के बारे में कहा जाता है कि वह अत्यधिक कट्टरपंथी है और कथित तौर पर आईएसआईएस जैसे प्रतिबंधित संगठनों से उसके संबंध हैं। वह पहली बार पुलिस के रडार पर तब आया था जब उसे नवंबर 2020 में मंगलुरु में आतंकवाद-समर्थक भित्तिचित्र के लिए गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे तकनीकी आधार पर जमानत पर रिहा कर दिया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह आतंकवादी गतिविधियों में और अधिक शामिल हो गया और खुद को बम बनाने वाला बना लिया।
