चुनाव हारीं, विधायक बागी हुए और आज सांसदों की बारी, Mamata Banerjee की किस्मत 360 डिग्री कैसे पलटी?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनावी हार के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस में बगावत तेज हो गई थी। विधायक और सांसद अलग गुट बनाकर NDA के करीब पहुंच गए हैं, जिससे ममता बनर्जी की राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है। आखिर सिर्फ 40 दिन में ये सब हुआ कैसे?

अभी डेढ़ महीने पहले तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री थीं। सब कुछ उनके नियंत्रम में लग रहा था। हालांकि, विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा था, लेकिन पार्टी एकजुट थी। फिर 4 मई की वो तारीख आई, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। TMC को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। मौजूदा मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 'दीदी' को उनकी पारंपरिक सीट भवानीपुर में हरा दिया। भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार में आई और ममता बनर्जी व उनकी पार्टी TMC की विदाई हो गई। इस हार के बाद TMC में सब कुछ पहले जैसा नहीं रहा, एक के बाद एक पार्टी के भीतर आवाजें उठने लगीं। करीब 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया और उनके नेता ऋतब्रत बनर्जी विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष भी बन गए हैं। सोमवार 8 जून को ही राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। अब नाराज सांसदों का बागी गुट आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकता है। यानी ममता बनर्जी की किस्मत ने 360 डिग्री की पलटी मारी है। आखिर ऐसा क्या और क्यों हुआ चलिए जानते हैं -

Mamata Banerjee Political downfall

आज लोकसभा अध्यक्ष से मिलेंगे TMC के बागी सांसद

जैसा कि हमने ऊपर बात की, ममता बनर्जी के लिए अभी डेढ़ महीने पहले तक हालात चुनौतीपूर्ण जरूर थे, लेकिन नियंत्रण में थे। आखिर वह 15 साल तक पश्चिम बंगाल की सत्ता में रही हैं। वह अपनी सीट से चुनाव हार गईं और उनकी पार्टी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई। अब तक सब कुछ नियंत्रण में दिख रहा था, लेकिन चुनाव में हार के बाद ऐसा लगा जैसे सब कुछ रेत की तरह 'दीदी' के हाथ से निकल रहा है। कल तक जो नेता उनके साथ थे, कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे... आज वही बगावत कर रहे हैं। सिर्फ 40 दिन के भीतर ही वह सब कुछ बिखर गया, जो ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल से समेटकर रखा हुआ था। ममता बनर्जी के पास एक-डेढ़ दर्जन विधायक और कुछ ही सांसद बचे हैं, जो अब भी उनके साथ दिख रहे हैं। अब तो हालात ऐसे हैं कि 'दीदी' के लिए उनकी पार्टी TMC और सिंबल पर भी संकट आ गया है।

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