Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हेलीकॉप्टर को मंगलवार को खराब मौसम के कारण सिलीगुड़ी के पास सेवोक एयरबेस पर आपात स्थिति में उतारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बनर्जी जलपाईगुड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद बागडोगरा हवाई अड्डे जा रही थीं तभी उनका हेलीकॉप्टर बैकुंठपुर के जंगलों के ऊपर उड़ान भरते समय खराब मौसम वाले क्षेत्र में पहुंच गया। उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उसके बाएं घुटने के जोड़ में लिगामेंट की चोट का पता चला, उसके बाएं कूल्हे के जोड़ में लिगामेंट की चोट के निशान थे। अस्पताल ने कहा कि उन्हें भर्ती होने की सलाह दी गई थी लेकिन उन्होंने कहा कि वह घर पर ही इलाज जारी रखेंगी। वह अस्पताल से बाहर आ गई हैं।
तेज बारिश के कारण आपातकालीन लैंडिंग
एक अधिकारी ने कहा कि यहां बहुत तेज बारिश हो रही है और पायलट ने आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर उतरने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद फैसला किया गया कि ममता बनर्जी सड़क मार्ग से बागडोगरा हवाई अड्डे तक जाएंगी और वहां से कोलकाता की उड़ान भरेंगी। मुख्यमंत्री बनर्जी पंचायत चुनाव के लिए राज्य के उत्तरी हिस्से में अनेक क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। राज्य में पंचायत चुनाव के लिए मतदान आठ जुलाई को होगा।
बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा
बता दें कि पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले बड़े पैमान पर हिंसा हुई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 जून को भी आगजनी और हिंसा की घटनाएं हुई थीं जिसमें चार लोगों की जान गई। हिंसा की घटनाएं सामने आने के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटनास्थल का दौरा भी किया था और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। हिंसा की घटनाओं को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती की मंजूरी दी है। कोर्ट के इस फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है।
भाजपा ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यह नहीं भूलना चाहिए कि बंगाल में पहले की सरकार ने इसी तरह की हिंसा का सहारा लिया था और फिर बाद में उसका हश्र क्या हुआ, यह सभी को पता है।
भाजपा डरेगी नहीं
भाजपा नेता ने कहा था कि बंगाल में हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं। इस हिंसा पर रोक लगाने के लिए ममता सरकार कदम नहीं उठा रही है। उसकी निष्क्रियता एवं संवेदनहीनता के चलते राज्यपाल को हिंसा वाली जगहों का दौरा करना पड़ा है। हिंसा से डराने के बावजूद भाजपा के 50,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने पंचायत चुनाव के लिए अपना नामांकन किया है।
