Maharashtra: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार उस समय असमहज हो गए, जब उनके काफिले पर गुस्साए किसानों ने प्याजों और टमाटरों से हमला बोल दिया। इतना ही नहीं अजित पवार के काफिले को रोक भी लिया और उसे काले झंडे भी दिखाए। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और अजित पवार के काफिले को वहां से निकाला।
अजीत पवार को काफिल पर किसानों का हमला
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कहां हुई घटना
न्यूज एजेंसी आईएनएस के अनुसार यह घटना तब हुई, जब अजित पवार ओझर हवाई अड्डे से डिंडोरी जा रहे थे। इसी दौरान उनके वाहनों के काफिले को गुस्साए किसानों ने रोक दिया। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही कारों को प्याज और टमाटर से निशाना बनाया। इसके बाद निकटवर्ती कलवान से पुलिस का एक बड़ा दल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।
क्या बोले किसान
किसानों ने वीआईपी काफिले को काले झंडे दिखाए, प्याज पर निर्यात शुल्क वापस लेने और किसानों के लिए उचित आजीविका सुनिश्चित करने के लिए टमाटर के लिए अच्छा समर्थन मूल्य देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में से एक ने वहां मीडियाकर्मियों से कहा- "हम सरकार की नीतियों की निंदा करते हैं, किसान मर रहे हैं, हम प्याज पर निर्यात शुल्क वापस लेना और टमाटर के लिए उपयुक्त न्यूनतम समर्थन मूल्य चाहते हैं।"
क्यों हैं नाराज
गौरतलब है कि मई-अगस्त के बीच टमाटर की कीमतें 200 रुपये से अधिक होने के बाद, अब खुदरा दरें 12-18 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हैं। इसी तरह, नासिक में प्याज के थोक कारोबारी इस पर निर्यात शुल्क हटाने की मांग को लेकर 13 दिनों की हड़ताल पर चले गए। सरकार के आश्वासन के बाद 3 अक्टूबर को हड़ताल समाप्त कर दी गई थी, लेकिन थोक व्यापारियों ने अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा वे फिर से हड़ताल करेंगे।
