स्वरा भाष्कर किसी पहचान की मोहताज नहीं। फिल्मों में अभिनय के साथ साथ समकालीन मुद्दों पर भी मुखर होकर बयान देती हैं। लेकिन इस समय में वो चर्चा में खुद की वजह से हैं। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता फहद अहमद से शादी की तो तरह तरह का प्रतिक्रियाओं से उन्हें दो चार होना पड़ा। अयोध्या के महंत राजूदास (हाल ही में स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया) ने स्वरा भाष्कर को धमकी दी है। उन्होंने यदि वो सशक्त महिला हैं तो पहले उन्हें शादी नहीं करनी चाहिए थी। लेकिन अगर वो 1000 मर्दों के साथ रात गुजारना चाहती हैं तो उन्हें मुबारक। अपने इस बयान के पीछे उन्होंने तर्क पेश करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसे समाज में शादी की जहां भाई और बहन शौहर और बीवी बन जाते हैं और बाद में तलाक, तलाक तलाक कह एक दूसरे से छुटकारा पा लेते हैं।
महंत राजू दास, अयोध्या के महंत
'स्वरा भाष्कर वही हैं'
राजू दास ने कहा कि स्वरा भाष्कर वही हैं जिन्होंने खुले तौर पर इंशा अल्लाह और भारत तेरे टुकड़े टुकड़े होंगे के नारे लगाए थे। उन्होंने उस लड़के से शादी कि जिसे महज 10 दिन पहले भाई कह कर बुलाती थीं।विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची मे श्रद्धा वॉकर के केस का जिक्र करते हुए कहा कि उसके साथ क्या हुआ। जैसे उसके साथ हुआ वही हश्र स्वरा भाष्कर के साथ हो सकता है। संभव है कि स्वरा भाष्कर को यह नहीं पता होगा कि श्रद्धा वाकर को 35 टुकड़ों में काटा गया था। स्वरा को शादी का फैसला लेने से पहले उस फ्रिज को देखना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि शादी का फैसला स्वरा भाष्कर का है, वो ज्यादा कुछ नहीं कह सकतीं। लेकिन जो श्रद्धा के साथ हुआ वो इनके साथ भी हो सकता है। बता दें कि उनके पति फहद अहमद ने ट्रोलिंग के बाद कहा था कि चलिए कम से कम संघियों ने ये तो माना कि हिंदू और मुस्लिम भाई-बहन हो सकते हैं। स्वरा और फहद ने 16 फरवरी को स्पेशल मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत शादी की थी जिसमें कोई भी भारतीय दूसरे मजहब की लड़की या लड़के सा शादी कर सकता है। इस्लामिक स्कॉलर ने कहा था कि शरियत के हिसाब से शादी वैध नहीं है क्योंकि स्वरा ने इस्लाम कबूल नहीं किया है।
