‘धर्म परिवर्तन कराने वाली संस्थाओं को FCRA रजिस्ट्रेशन नहीं’, मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र का फैसला रखा बरकरार

मदुरै पीठ के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति ने ये अहम फैसला सुनाया। ट्रस्ट ने केंद्र सरकार की ओर से एफसीआरए पंजीकरण देने से इनकार किए जाने को चुनौती दी थी। अदालत ने केंद्र के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।

मद्रास हाईकोर्ट ने विदेशी चंदे से जुड़े कानून यानी विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत रजिस्ट्रेशन को लेकर अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि एक धर्म से दूसरे धर्म में लोगों का धर्म परिवर्तन कराने वाली संस्थाओं को एफसीआरए के तहत पंजीकरण (Registration) नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी कोडईकनाल स्थित जेन ध्यान केंद्र चलाने वाले कांजियोन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका खारिज करते हुए की।

Madras High Court

मद्रास हाईकोर्ट

मदुरै पीठ के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति ने ये अहम फैसला सुनाया। ट्रस्ट ने केंद्र सरकार की ओर से एफसीआरए पंजीकरण देने से इनकार किए जाने को चुनौती दी थी। अदालत ने केंद्र के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।

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