Madhya Pradesh cruise accident: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह पांच वर्षीय बालक मयूरम और उसके चाचा कमराज (लगभग 50) के शव बरामद किए गए। कमराज खमरिया आयुध निर्माण फैक्टरी में कर्मचारी थे।
मध्य प्रदेश क्रूज हादसा: मरने वालों की संख्या 13 हुई; आखिरी लापता व्यक्ति का शव मिला
बरगी के उप पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा ने 'PTI' को फोन पर बताया कि दोनों के शव पानी में मिले, जिन्हें बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब सभी 13 लापता लोगों का पता चल गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया गया है।
41 यात्रियों में से 28 को बचाया गया
पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद खोज अभियान के लिए आगरा से हवाई मार्ग से लाए गए सेना के करीब 20 गोताखोरों सहित 200 से अधिक बचावकर्मी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों की टीम शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि नौका पर सवार जिन 41 यात्रियों की पहचान की पुष्टि हुई है उनमें से 28 को बचा लिया गया था।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में 43 लोग क्रूज की ओर जाते दिखाई दिए। करीब 20 वर्ष पुरानी थी और राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित की जा रही यह नौका बृहस्पतिवार शाम आए तूफान के दौरान पलट गई थी। राज्य सरकार ने शुक्रवार को घटना की जांच के आदेश दिए थे और चालक दल के तीन सदस्यों को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही, इस तरह की नौकाओं के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सुरक्षा से जुड़े सवाल अब केंद्र में
वायरल वीडियो ने इस बात पर फिर से ध्यान खींचा है कि क्या बरगी बांध पर क्रूज संचालन के आस-पास पर्याप्त सुरक्षा ढांचा और उसका पालन मौजूद था। सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लाइफ जैकेट का न होना एक ऐसे चलन की ओर इशारा करता है, जिसके बारे में सुरक्षा पैरोकारों का कहना है कि भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों पर यह बहुत आम बात है।
बरगी जैसे जलाशयों पर चलने वाले पर्यटक और चार्टर जहाजों पर नियामक निगरानी कई राज्यों में अभी भी एक अस्पष्ट क्षेत्र बनी हुई है, और गुरुवार की दुर्घटना अधिकारियों को उन कमियों पर फिर से विचार करने के लिए प्रेरित कर सकती है, भले ही यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में हो रहा हो।
दुर्घटना की जांच चल रही है। यह देखना बाकी है कि क्या जवाबदेही सिर्फ इस तात्कालिक घटना तक ही सीमित रहती है, या उससे आगे बढ़कर सुरक्षा में लापरवाही की उस व्यापक संस्कृति तक भी पहुंचती है।
