US Iran War: युद्ध के बीच एलपीजी गैस सप्लाई को लेकर भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 42 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा LPG गैस लेकर 'जग वसंत' नाम का वेसल (टैंकर) गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच चुका है।
LPG गैस लेकर 'जग वसंत' नाम का वेसल पहुंचा भारत। istock
कांडला पोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि आज ही इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर के जरिए उतारा जाएगा। मिड-सी ट्रांसफर का अर्थ है कि समुद्र में ही जहाज से गैस को दूसरे सिस्टम या पोर्ट की सुविधाओं तक पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया की वजह से गैस तेजी से उतर जाती है। वहीं, समय का बचाव भी होता है। इससे पहले MT शिवालिक (LPG) MT नंदा देवी (LPG)। जग लाडकी और लाइबेरिया फ्लैग Shenlong भारत पहुंच चुका है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं 20 जहाज: पेट्रोलियम मंत्रालय
पेट्रोलियम मंत्रालय ने जानकारी दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसा हुआ है। इनमें पांच बड़े भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर शामिल हैं, जिनमें कुल मिलाकर 2,30,000 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है। एक अन्य बड़े भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर में अगले एक-दो दिनों में एलपीजी भरी जानी है, जिसके बाद वह भारत के लिए रवाना हो जाएगा।
देश में 60 दिनों का तेल स्टॉक: सरकार
गुरुवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी और PNG को लेकर फैल रही अफवाहों पर बड़ा बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल-डीजल का 60 दिनों का स्टॉक है और LPG की महीनेभर सप्लाई प्रभावित नहीं होगी, जबकि PNG की कहीं भी कोई कमी नहीं है और सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्रालय के अनुसार सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो और पोस्ट भ्रामक हैं, जिनका मकसद अनावश्यक घबराहट फैलाना है। लोगों से अपील की गई है कि केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
