भारतीय जहाज 'शिवालिक' (Shivalik) करीब 45,000 मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) पहुंच गया है। युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकले इस जहाज से देश में जारी एलपीजी संकट (LPG Crisis) दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच यह जहाज 14 मार्च को ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकला था।
'शिवालिक' 45,000 टन LPG लेकर Hormuz पार करके पहुंचा भारत
'शिवालिक' (Shivalik) एक भारतीय LPG टैंकर (जहाज) है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से लगभग 45,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर भारत के गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है।
अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता दिया है। भारतीय झंडे वाले एलपीजी टैंकर 'शिवालिक' ने सफलतापूर्वक इस स्ट्रेट को पार कर लिया है और अब दूसरा एलपीजी जहाज 'नंदा देवी' भी इस अहम तेल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकल गया है। अधिकारियों ने तत्काल अनलोडिंग के लिए प्राथमिकता के आधार पर बंदरगाह की अनुमति दी।
दूसरा LPG जहाज 'नंदा देवी' भी इस अहम तेल मार्ग से सुरक्षित बाहर
यह भारत के लोगों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है क्योंकि देश में एलपीजी सिलिंडर की कमी चल रही है, ऐसे में एलपीजी कार्गो जहाज शिवालिक के 45,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर पहुंचना राहत की बात नजर आ रही है। वहीं अब दूसरा एलपीजी जहाज 'नंदा देवी' भी इस अहम तेल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकल गया है।
भारत के दो जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति
ईरानी अधिकारियों ने LPG ले जा रहे भारत के दो जहाज़ों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति दे दी है। इनमें से एक जहाज 'शिवालिक' है, जबकि दूसरा 'नंदा देवी' है। इससे पहले, जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि जहाज़ 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' के अब 16 और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है।सचिव ने कहा था कि 'फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में उनके साथ किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना की ख़बर नहीं मिली है।
