Budget Session: आज से बजट सत्र का दूसरा चरण, संसद में फिर सुनाई पड़ सकती है अडानी मसले की गूंज

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 13, 2023, 06:47 AM IST

Budget Session : राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत की पूर्व संध्या पर रविवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में सदन में व्यवधान एवं हंगामा रोकने के तरीकों पर उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं के विचार मांगे। बजट सत्र का यह दूसरा चरण 13 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा।

Budget Session : आज से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। पहले चरण के जैसा ही यह चरण भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। हालांकि, विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सरकार लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी। रिपोर्टों के मुताबिक राज्यसभा में पारित होने के लिए 26 विधेयक और लोकसभा में 9 विधेयक लंबित है। बजट सत्र का यह दूसरा चरण 13 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा। संसद के बजट सत्र के पहले चरण की शुरूआत 31 जनवरी को हुई थी।

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13 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू।

विपक्ष के नेता मिलेंगे, बनाएंगे रणनीति

इस सत्र में अडानी मुद्दे सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने पूरी तैयारी की है। विपक्ष के नेता सोमवार को संसद परिसर स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में मिलेंगे और अपनी रणनीति तैयार करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के बाद सुबह करीब 10.30 बजे कांग्रेस सांसद अलग से बैठक करेंगे और फ्लोर की अपनी रणनीति बनाएंगे।

व्यवधान रोकने के लिए धनखड़ ने सुझाव मांगे

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत की पूर्व संध्या पर रविवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में सदन में व्यवधान एवं हंगामा रोकने के तरीकों पर उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं के विचार मांगे। बजट सत्र के पहले चरण में अडानी-हिंडनबर्ग मुद्दा छाया रहा। इस मसले की संयुक्त संसदीय समिति जांच (JPC) की मांग को लेकर विपक्ष ने दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित की। समझा जाता है कि विपक्ष एक बार फिर अडानी मुद्दे को लेकर सरकार को घेरेगा और जेपीसी की मांग करेगा।

अडाणी विवाद पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

विपक्षी दलों द्वारा सत्र के दौरान केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग, अडाणी विवाद, चीन के साथ सीमा गतिरोध, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाये जा सकते हैं।कांग्रेस नेता के. सुरेश ने कहा कि उनकी पार्टी अडाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे को उठाना जारी रखेगी और सरकार से सवाल पूछेगी क्योंकि सत्र के पहले चरण में इस बारे में सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया था। सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस एलआईसी, एसबीआई के समक्ष संभावित खतरे, महंगाई, बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग के मुद्दे को उठायेगी।

उठ सकता है कि केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने हाल ही में कहा था कि एलआईसी से जुडे निवेश प्रभाव खतरे, महंगाई जैसे विषयों का आम लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और तृणमूल कांग्रेस इन विषयों को उठायेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गैर भाजपा शासित राज्यों की सरकारों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग के विषय को भी उठायेगी।

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