क्या होती है बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका? जिसे सोनम वांगचुक की पत्नी ने SC में किया है दायर

लद्दाख हिंसा मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हुई है। वांगचुक पर लद्दाख में लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और उसे छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बीते 24 सितंबर को प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हुए।

What is Habeas Corpus: पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी डॉक्टर गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति के हिरासत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की है। अपनी इस अर्जी में आंगमो ने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि वह अधिकारियों को वांगचुक के ठिकाने के बारे में स्पष्ट जानकारी देने और उनकी हिरासत से तत्काल रिहाई का आदेश देने का निर्देश दे। उन्होंने कहा कि वांगचुक को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने के बाद से एक सप्ताह हो चुका है और उनकी हिरासत के आधार या उनकी सेहत की स्थिति के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। गीतांजलि का दावा है कि वांगचुक की हिरासत वाली कॉपी उन्हें नहीं मिली है और अपने पति से उनका कोई संपर्क नहीं है।

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लद्दाख हिंसा मामले में जेल में बंद हैं सोनम वांगचुक। तस्वीर-PTI

बता दें कि लद्दाख हिंसा मामले में वांगचुक की गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हुई है। वांगचुक पर लद्दाख में लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और उसे छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बीते 24 सितंबर को प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हुए।

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