Independence Day Security Review: स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी मणिपुर हिंसा का मामला छाया रह सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर कुकी व मैतेई समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री जब लाल किले से देश को संबोधित कर रहे होंगे, उस दौरान भी सरकार विरोधी तत्वों द्वारा नारेबाजी की जा सकती है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मणिपुर हिंसा पर हो सकता है प्रदर्शन
इस इनपुट के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली की सुरक्षा तैयारियों को लेकर खुफिया एजेंसियों एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी), सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस के साथ आरपीएफ के अधिकारी भी शामिल थे।
देश की छवि धूमिल करने की कोशिश
एक अधिकारी ने बताया, बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस के बाद दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाना है। ऐसे में किसी भी प्रतिकूल घटना का देश की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खुफिया एजेंसियों ने बताया कि देश विरोधी तत्वों द्वारा ऐसे अहम मौकों पर विरोध प्रदर्शन का सहारा लेकर देश की छवि खराब की जाती है।
सोशल मीडिया के जरिए खराब किया जा सकता है माहौल
एक अधिकारी ने बताया, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया के बारे में भी चेतावनी दी है। कहा गया है कि कट्टरपंथी इसका इस्तेमाल लोगों को संगठित करने, प्रतिष्ठित लोगों को धमकियां देने और देश विरोधी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा चर्चा किए गए अन्य प्रमुख मुद्दों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव का मामला भी शामिल था, जिसने अपने सहयोगियों को दिल्ली में कुछ स्थानों की रेकी का निर्देश दिया था, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी और दिल्ली का मुख्यालय भी शामिल था।
