कर्नाटक का नाटक: सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर रस्साकशी तेज, एक-दूसरे पर जमकर चलाए 'शब्दों' के बाण

जहां मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया- कर्नाटक की जनता द्वारा दिया गया जनादेश एक क्षण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जो पूरे पांच साल तक चलती है। शिवकुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा, अपना वचन निभाना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है! शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है।

Siddaramaiah-Shivakumar Face-Off: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी गुरुवार को वाकयुद्ध में बदल गई, जब दोनों एक वादे को पूरा करने को लेकर आमने-सामने आ गए। बढ़ते सत्ता संघर्ष के बीच शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि "शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है।" इस पर सिद्धारमैया ने चुटकी लेते हुए कहा, "शब्द तब तक शक्ति नहीं है जब तक वह लोगों के लिए दुनिया को बेहतर न बनाए।" सिद्धारमैया जहां दावा कर रहे हैं कि वह पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, वहीं शिवकुमार उनकी जगह सीएम पद पर आना चाहते हैं। कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा कर लिया है।

Karnatak CM Tussle

सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच कुर्सी की खींचतान (PTI)

शिवकुमार का पोस्ट- शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है

मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया- कर्नाटक की जनता द्वारा दिया गया जनादेश एक क्षण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जो पूरे पांच साल तक चलती है। शिवकुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा, अपना वचन निभाना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है! शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है। उसी पोस्ट में उन्होंने आगे कहा, दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अपनी बात पर कायम रहना है। शिवकुमार ने आगे कहा, "चाहे जज हों, राष्ट्रपति हों या कोई और, चाहे मैं ही क्यों न हूं, सबको अपनी बात पर चलना ही पड़ता है। शब्दों की शक्ति ही विश्व शक्ति है।

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