Kota Suicide News: कोटा में छात्रों के सुसाइड पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सख्त तेवर अपनाते हुए कोचिंग सेंटर चालकों को चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशानुसार कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है। खाचरियावास ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कोचिंग चालकों के पास बहुत पैसा है लेकिन वे छात्रों को धमका नहीं दे सकते।
कोटा में रविवार को दो छात्रों ने की खुदकुशी।
'कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता'
मीडिया से बातचीत में कहा कि कोचिंग सेंटर चालक मनमानी और छात्रों को डरा-धमका रहे हैं। हर दूसरे-तीसरे दिन टेस्ट लेने का कोई मतलब नहीं है। मंत्री ने कहा, 'छात्र मेधावी है, इसमें कोई शक नहीं है। छात्रों को कोचिंग करने की जरूरत नहीं है। हम लोगों के समय में बिना कोचिंग गए छात्र आईएएस और आईपीएस बनते थे। कोचिंग सेंटर वाले छात्रों का मनोबल तोड़ते हैं। कोचिंग माफिया के खिलाफ सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। डीएम और पुलिस अधीक्षक यदि इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे तो कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।'
छठी मंजिल से छलांग लगा दी
बता दें कि राजस्थान के कोटा में दो अलग-अलग घटनाओं में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रहे दो अभ्यर्थियों ने रविवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, अविष्कार संभाजी कासले (17) ने अपराह्न करीब 3.15 बजे जवाहर नगर में अपने कोचिंग संस्थान की इमारत की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। कासले ने कुछ मिनट पहले ही कोचिंग संस्थान की तीसरी मंजिल पर एक परीक्षा दी थी। विज्ञान नगर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) धर्मवीर सिंह ने कहा कि कोचिंग संस्थान के कर्मचारी कासले को अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
एक छात्र ने खुद को फांसी लगाई
पुलिस के मुताबिक, कासले की मौत के चार घंटे के बाद नीट की ही तैयारी कर रहे आदर्श राज (18) ने शाम करीब सात बजे कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित अपने किराये के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कुन्हाड़ी के क्षेत्राधिकारी के. एस. राठौड़ ने बताया कि जब आदर्श की बहन और चचेरा भाई लगभग 7.30 बजे फ्लैट पर पहुंचे, तो उन्होंने उसके कमरे को अंदर से बंद पाया। उन्होंने जब कमरा खोला तो आदर्श को छत से फंदे से लटका हुआ पाया। क्षेत्राधिकारी के.एस. राठौड़ ने बताया कि जब आदर्श को नीचे लाया गया तो वह कथित तौर पर सांस ले रहा था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
इस साल अब तक 22 छात्र कर चुके खुदकुशी
क्षेत्राधिकारी (सीओ) धर्मवीर सिंह के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला और 12वीं कक्षा का छात्र कासले तीन साल से शहर में नीट की तैयारी कर रहा था और अपने नाना-नानी के साथ तलवंडी इलाके में एक किराये के कमरे में रह रहा था। कासले के माता-पिता महाराष्ट्र में सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं। पुलिस के मुताबिक, बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला आदर्श पिछले एक साल से कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था और वह एक किराये के फ्लैट में अपनी बहन और चचेरे भाई के साथ रहता था। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां कोचिंग लेने वाले किसी छात्र के आत्महत्या करने का इस साल यह 22वां मामला है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
