क्या है कोर्णाक चक्र? जिसे देखकर बाइडन भी हो गए हैरान, तिरंगे से इसका कनेक्शन और जानें इतिहास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 9, 2023, 01:12 PM IST

G20 Konark Chakra: ओडिशा के कोणार्क चक्र का निर्माणा 13वीं शताब्दी में हुआ था। राजा नरसिम्हादेव प्रथम के शासनकाल में इसे बनाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस चक्र का घूमना ‘कालचक्र’ के साथ-साथ प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है।

G20 Konark Chakra: दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है। इस शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली को खास तरह से सजाया गया है। विदेशी मेहमानों को भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत से रूबरू कराने के लिए विशेष तौर पर सजावट की गई है। भारत मंडपम में नटराज की मूर्ति, डांसिंग गर्ल इसकी बानगी हैं।

Konark wheel

कोणार्क चक्र

इन सबके बीच ओडिशा का कोणार्क चक्र भी काफी चर्चा में है। दरअसल, शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत कर रहे तो यह कोणार्क चक्र उनके पीछे दिख रहा था। एक तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को कोणार्क चक्र के बारे में बताते हुए भी नजर आए। तो चलिए जानते हैं इस कोणार्क चक्र का इतिहास और इसका महत्व...

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