अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी की 70 फुट ऊंची प्रतिमा को सोमवार को सुरक्षा कारणों से यहां लेक टाउन से हटा दिया गया। हालिया तूफानों के कारण प्रतिमा ढांचागत रूप से अस्थिर हो गई थी।
दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी की 70 फुट ऊंची प्रतिमा हटाई गई।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार, प्रतिमा को बिना किसी नुकसान के उसके चबूतरे से अलग किया गया और एक ’हाइड्रोलिक क्रेन’ की मदद से ट्रक पर रखा गया। फिलहाल यह प्रतिमा फिलहाल पीडब्ल्यूडी की निगरानी में रहेगी। इसे दोबारा कहां स्थापित किया जाएगा, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, ऐसी अफवाह है कि राज्य सरकार के अंतिम फैसले के बाद इसे रवींद्र सरोवर या इको पार्क में लगाया जा सकता है।
प्रतिमा को लेकर चिंताएं कुछ दिन पहले तब शुरू हुईं, जब स्थानीय लोगों ने लेक टाउन थाने को सूचित किया कि तूफान के दौरान यह प्रतिमा हिल रही थी। पुलिस और पीडब्ल्यूडी कर्मियों द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद ठेकेदार ने प्रतिमा के बुनियादी जोड़ में खराबी की बात कही और अधिकारियों को चेतावनी दी कि यह ढांचा खतरनाक स्थिति में है और इसके गिरने का खतरा है।
पिछले साल मेसी ने किया था अनावरण
इस विशाल प्रतिमा का अनावरण पिछले साल दिसंबर में खुद लियोनेल मेस्सी ने अपने कोलकाता दौरे के दौरान रिमोट कंट्रोल के जरिए किया था। अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी के फैंस के लिए यह प्रतिमा खास आकर्षण का केंद्र बन गई थी। लेकिन अनावरण के कुछ समय बाद ही यह ढांचा विवादों में घिर गया था। कोर्ट में पहले ही इस प्रतिमा को लेकर सवाल उठ चुके हैं। याचिका में पूछा गया था कि क्या यह प्रतिमा सरकारी जमीन पर लगाई गई है और क्या इसके लिए सभी जरूरी मंजूरियां ली गई थीं। स्थानीय लोगों का भी आरोप है कि वीआईपी रोड जैसे व्यस्त इलाके में इतनी बड़ी प्रतिमा लगाने से पहले सुरक्षा के सख्त इंतजाम होने चाहिए थे। लोगों ने पूछा कि क्या सभी प्रक्रियाओं और अनापत्ति प्रमाणपत्रों का पालन किया गया था।
