Kolkata Case: बैकफुट पर आई ममता सरकार, कोलकाता बलात्कार कांड को लेकर उठे विवाद के बीच बंगाल सरकार ने 42 डॉक्टरों का तबादला किया रद्द

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  • Updated Aug 18, 2024, 08:34 AM IST

Kolkata Doctor Case: कोलकाता में डॉक्टर के बलात्कार-हत्या मामले के मद्देनजर आंदोलन में शामिल हुए 42 डॉक्टरों को एक साथ स्थानांतरित करने के बंगाल सरकार के फैसले की आलोचना हुई।

Doctor Transfer: बंगाल सरकार ने 42 डॉक्टरों के तबादले के अपने पहले के फैसले को वापस ले लिया है। स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार ने 42 डॉक्टरों के तबादले के अपने पहले के फैसले को वापस ले लिया है। सरकारी अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना को लेकर भाजपा ने राज्य में आलोचना और अशांति फैलाई है। बता दें, बंगाल सरकार ने पहले 42 डॉक्टरों के स्थानांतरण की अधिसूचना जारी की थी, हालांकि, चिकित्सा बिरादरी और विपक्षी दलों ने दावा किया कि यह कदम राज्य सरकार के प्रतिशोधात्मक रवैये का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि इन 42 डॉक्टरों को मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के नेतृत्व में आंदोलन में शामिल होने के लिए दंडित किया गया है। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट एसोसिएशन (यूडीएफए) ने भी तबादले की कड़ी निंदा की और दावा किया कि यह मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के विरोध का समर्थन करने वाले डॉक्टरों का अन्यायपूर्ण तबादला है।

Mamata Banerjee

बैकफुट पर आई ममता सरकार

डॉक्टरों के तबादले से मची राजनीतिक हलचल

यूडीएफए ने कहा कि ये दंडात्मक उपाय न्याय और सुरक्षा की हमारी मांगों को दबा नहीं पाएंगे। हम अपनी लड़ाई में एकजुट और दृढ़ हैं। जिन डॉक्टरों का तबादला किया गया, उनमें से ज़्यादातर राज्य सरकार द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर थे। हालांकि, डॉक्टरों के तबादले से राजनीतिक हलचल मच गई, क्योंकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह सब वरिष्ठ डॉक्टर समुदाय को डराने के लिए किया जा रहा है।

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