Narendra Modi Telangana Visit: पीएम मोदी अपने तेलंगाना दौरे में हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देने वाले हैं। राज्य में इस समय के चंद्रशेखर राव की सरकार है जो बीजेपी की पुरजोर खिलाफत करती है। हाल ही के दिनों में देखा गया कि बीआरएस (पहले टीआरएस) के नेता पीएम मोदी, बीजेपी पर उस अंदाज में हमला नहीं बोलते जो कुछ महीने पहले तक दिल्ली की गद्दी से पीएन नरेंद्र मोदी को हटाने का दावा करते थे। बता दें कि अगले साल आम चुनाव भी चुनाव होने हैं। इन सबके बीच आखिर पीएम नरेंद्र मोदी का तेलंगाना दौरा क्यों खास है उसे समझने की जरूरत है।पीएम मोदी का राज्य का दौरा, इस साल उनका तीसरा दौरा, हैदराबाद से परे क्षेत्रों में पार्टी की छवि को मजबूत करने के एक उल्लेखनीय प्रयास के बीच हो रहा है, जहां इसने पिछले नगर निगम चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था। हाल ही में नियुक्त राज्य भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ पीएम मोदी की यात्रा की तैयारी के लिए शुक्रवार को वारंगल की यात्रा की। नेतृत्व में इस बदलाव के कारण श्री रेड्डी ने बंदी संजय की जगह ले ली जो राज्य में पार्टी की व्यापक रणनीतिक पुनर्रचना को दर्शाता है।
तेलंगाना दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी
हजारों करोड़ की सौगात
प्रधान मंत्री 6100 रुपए करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। जिसमें काजीपेट में रेलवे वैगन विनिर्माण इकाई की आधारशिला रखना भी शामिल है, जिसे 500 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा। इस उच्च तकनीक विनिर्माण सुविधा से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने और आसपास के क्षेत्रों में सहायक इकाइयों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।यह कदम सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) की आलोचना की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें एनडीए सरकार पर तेलंगाना की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी गुजरात में गई 20000 करोड़ की कोच फैक्ट्री की तरह तेलंगाना से किए गए वादों को लागू करने में केंद्र की कथित विफलता का हवाला देते हुए पीएम मोदी की यात्रा का बहिष्कार करेगी।
बीआरएस ने किया विरोध
केटीआर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया है। वह गुजरात में एक रेलवे कारखाने की आधारशिला रखने में व्यस्त हैं। न केवल प्रस्तावित कोच फैक्ट्री के लिए एक ईंट रखी गई है बल्कि आदिवासी विश्वविद्यालय के लिए भी मंजूरी लंबित है। बयाराम स्टील फैक्ट्री परियोजना जिसका वादा किया गया था वह भी अभी तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ और सिर्फ तेलंगाना को छलने का काम किया जा रहा है।
क्या कहते हैं जानकार
जानकारों का कहना है कि पिछले 6 महीने में पीएम मोदी का यह तीसरा दौरा है। हाल ही में इस तरह की खबरें आने लगी थी कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व इस समय बीआरएस के खिलाफ उदार हो गया है। उसकी वजह से तेलंगाना बीजेपी में उन नेताओं को ज्यादा असंतोष हुआ जो कांग्रेस से आए थे और केसीआर के प्रबल विरोधी थे। इस तरह की तस्वीर को साफ करने के लिए पीएम मोदी का दौरा महत्वपूर्ण है। बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य स्तरीय नेताओं को संदेश देना चाहता है कि पिछले 6 महीने में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से स्पष्ट है कि वो चाहते हैं कि राज्य से बीआरएस का सफाया हो। इसे आप इस तरह समझ सकते हैं कि बीजेपी कार्यकर्ताओं में निराशा का भाव जो घर कर गया है उसे खत्म किया जाए।
